रायपुर । राज्य शासन की एजेंसी छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा एलईडी से प्रचार प्रसार का अधिकार देने 29
दिसंबर को आयोजित एलईडी से प्रचार प्रसार की निविदा टल सकती है ।इसका कारण छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा एलईडी से प्रचार प्रसार का बड़े स्तर पर कारोबार
करने वाले संचालकों को लाभ पहुंचाने के रुप में देखा जा रहा है। तेजिससे छोटे स्तर पर एलईडी संचालन का कार्य करने वाले संचालक छत्तीसगढ़ संवाद के खिलाफ लामबंद हो नजर आ रहे है। विभागीय सुत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा एलईडी से प्रचार प्रसार का अधिकार को लेकर 5 दिसंबर को संवाद भवन नया रायपुर में प्रीबीड मीटिंग का आयोजन किया गया था। जिसमें प्रदेशभर से करीब एक दर्जन से अधिक एलईडी संचालकों ने हिस्सा लिया था।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एलईडी प्रसारण का अधिकार देने संबंधी विभिन्न नियम व शर्तों पर जानकारी साझा की गई थी । जिसके मुताबिक एलईडी प्रसारण के अधिकार के लिए संचालक को एक साल का अनुभव , सालाना टर्नओवर 1 लाख रुपए तक , न्यूनतम एक बड़ी साइज की एलईडी स्क्रीन व कुछ अन्य शर्तें भी थी ।वहीं निविदा संबंधी बैठक में शामिल होने एलईडी संचालकों को 50 हजार की अमानत राशि और 1180 रुपए का पंजीयन फॉर्म भरकर जमा करना अनिवार्य किया गया था। साथ ही संपन्न बैठक में एलईडी संचालकों को एलईडी से प्रचार प्रसार का अधिकार देने 29 दिसंबर को निविदा की तिथि तय की गई थी। विभागीय सुत्रों की माने तो अब यह बैठक टल सकती है। क्योंकि इस बैठक पर एलईडी प्रसारण का बड़े स्तर पर कारोबार करने वाले संचालकों की नजर पड़ गई है। ये बड़े संचालक छत्तीसगढ़ संवाद पर दबाव बनाकर ऐसी स्थिति पैदा करने के फिराक में है कि छोटे एलईडी संचालक नियम व शर्तों को पुरा न कर सके और वे स्वत:
ही एलईडी प्रसारण का अधिकार लेने से अयोग्य घोषित हो जाए। जिसके लिए बड़े एलईडी संचालकों द्वारा छत्तीसगढ़ संवाद की जोरदार घेराबंदी की गई है। अगर ये संचालक अपने गैर इरादे में कामयाब हो जाते है,तो छत्तीसगढ़ संवाद द्वारा एलईडी प्रसारण का अधिकार देने पूर्व निर्धारित नियम-शर्तों में बड़े फेरबदल देखने में सामने आ सकते है। जैसे नए नियम-शर्तों में एलईडी संचालकों को पाँच से दस गुणा सालाना टर्नओवर होने की शर्तें पूरी करनी होगी,वहीं 50 हजार अमानत की राशि में भी दो से तीन गुणा करने की तैयारी है। इसके अलावा अन्य नए नियमों व शर्तों का पालन करना होगा। जो छोटे एलईडी संचालकों को पूरा करना टेढ़ी खीर साबित होगा। जिससे छोटे एलईडी संचालक निविदा संबंधी बैठक से स्वत: ही अलग हो जाएंगे। बहरहाल एलईडी प्रसारण का अधिकार देने छत्तीसगढ़ संवाद फाईनली क्या मापदंड तय करती है। यह तो आने वाला समय बताएगा,लेकिन इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ संवाद की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल कहीं न कहीं राज्य सरकार के साख पर बट्टा लगाते नजर आ रही है।

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