बालोद में कलेक्टर सख्त: गुमशुदा बच्चों की तलाश और बाल विवाह रोकने के दिए कड़े निर्देश, महिलाओं की सुरक्षा पर भी समीक्षा
त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, जिला स्तरीय टॉस्क फोर्स समिति एवं सखी संचालन की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में गुमशुदा बच्चों की दस्तयाबी, बाल विवाह की रोकथाम, महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षण और पुनर्वास समेत कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

कलेक्टर ने किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन और सखी वन स्टॉप सेंटर के कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों और महिलाओं से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में 'बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान' की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले प्रत्येक विवाह का अनिवार्य पंजीयन कराने और हर ग्राम पंचायत में विवाह पंजी संधारित करने के निर्देश दिए, ताकि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।

जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा ने अभियान और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी दी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर नूतन कंवर, सीएमएचओ डॉ. जे.एल. उइके सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations