सीएम हाउस की हाई लेवल बैठक पर बोले मुख्यमंत्री साय, कहा- यह आपात बैठक नहीं थी
त्वरित ख़बरें : ज़ाफ़रान खान रिपोर्टिंग

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित हाई लेवल बैठक को लेकर प्रदेश की सियासत में दिनभर चर्चाओं का दौर जारी रहा। बैठक में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और सरकार के प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी के बाद इसे लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। खासतौर पर मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल, संगठनात्मक बदलाव और सरकार की आगामी रणनीति को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि, इन सभी चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक कोई आपात बैठक नहीं थी, बल्कि यह सरकार के नियमित कामकाज और विभिन्न प्रशासनिक विषयों की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।

मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य सरकार समय-समय पर विभिन्न विभागों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए इस प्रकार की बैठकें आयोजित करती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जनता से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है और इसी उद्देश्य से अधिकारियों के साथ लगातार संवाद और समीक्षा बैठकें की जाती हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक को लेकर जो आपात स्थिति या किसी विशेष राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है, उसमें कोई सच्चाई नहीं है।

मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों पर मुख्यमंत्री साय ने संयमित प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर फिलहाल कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल से जुड़े निर्णय उचित समय पर पार्टी नेतृत्व और संगठन के स्तर पर लिए जाते हैं। सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय है तथा सभी मंत्री अपने-अपने विभागों में जिम्मेदारी के साथ काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश के विकास कार्यों, अधोसंरचना परियोजनाओं, किसानों, युवाओं और महिलाओं से जुड़े कल्याणकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जनता से किए गए वादों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी विभागों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति, आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा और प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण और योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री साय के इस बयान के बाद हाई लेवल बैठक को लेकर लगाई जा रही तमाम अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रदेश की राजनीति में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए मंत्रिमंडल फेरबदल और संगठनात्मक बदलाव को लेकर चर्चाओं का दौर आगे भी जारी रह सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार पूरी गंभीरता के साथ विकास और सुशासन के एजेंडे पर काम कर रही है तथा किसी भी प्रकार की राजनीतिक अटकलों के बजाय जनहित के मुद्दों को प्राथमिकता दी जा रही है।

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