सेल ने बगैर कोयला निकाले किया सरेंडर:153.04 करोड़ रुपए खर्च करने के बाद कोयले की माइनिंग नहीं, किया सरेंडर
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भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने झारखंड के पर्वतपुर और सीतानाला कोल ब्लॉक से बगैर एक टुकड़ा कोयला निकाले सरेंडर कर दिया। जबकि इन दोनों कोल ब्लॉक पर सेल के निवेश और बैंक गारंटी के 153.04 करोड़ रुपए खर्च हो गए। सेल को पर्वतपुर कोल ब्लॉक से 123.66 करोड़ और सीतानाला कोल ब्लॉक में 29.38 करोड़ का घाटा हुआ। सीएजी के कमर्शियल ऑडिट डायरेक्टर ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सेल ने जानबूझ कर घाटे की माइंस ली।

रिपोर्ट के अनुसार सेल प्रबंधन को पर्वतपुर कोल ब्लाक का आवेदन देते समय ही पता था कि इसमें मिथेन गैस का बड़ा भंडार है। इसके बाद भी अलग खदान नहीं मिलने को घाटे का सौदा बताना कहीं से उचित नहीं है। सेल को इस कोल ब्लॉक के लिए 880 हेक्टेयर एरिया ओएनजीसी के साथ मिला था। लेकिन, खान सुरक्षा महानिदेशालय ने मिथेन और कोयला एक साथ निकालने की अनुमति नहीं दी।

मकॉन ने 2 बार सर्वे कर इसे घाटे का सौदा बताया
कोयले का भंडार घटने के बाद सेल ने इसका सर्वे मेकॉन से कराया। इसमें खनन को घाटे का सौदा बताया गया। इसके बाद सेल ने कोयला मंत्रालय से पर्वतपुर की जगह दूसरी माइंस देने की मांग की। मंत्रालय ने पूरे 880 हेक्टेयर को लेकर खान के आर्थिक मूल्यांकन का निर्देश दिया। फिर से मेकॉन ने सर्वे कर इसे घाटे का बताया।

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