सायबर यूनिट का कमाल: 41 लाख के मोबाइल खोजकर मालिकों को सौंपे
त्वरित खब्बारे ;हर्ष कुमार गुप्ता

दुर्ग पुलिस की एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट ने एक बार फिर अपनी दक्षता और सक्रियता का परिचय देते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। लगातार प्राप्त हो रही गुम मोबाइल फोन की शिकायतों के बीच पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर 201 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 41 लाख रुपये है। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत सौंप दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल लोगों को उनका कीमती सामान वापस मिला, बल्कि पुलिस के प्रति उनका विश्वास भी और अधिक मजबूत हुआ है।

दरअसल, जिले के विभिन्न थानों में बड़ी संख्या में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने गुम मोबाइलों की पतासाजी कर उन्हें उनके मालिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा थाना स्तर की टीमों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने वर्ष 2024, 2025 और 2026 के दौरान दर्ज हुए गुम मोबाइलों का डेटा एकत्रित कर भारत सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से उनकी ट्रैकिंग शुरू की।

साइबर विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों की लगातार मेहनत का परिणाम यह रहा कि दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा और रायपुर सहित अन्य जिलों के अलावा मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में उपयोग किए जा रहे मोबाइल फोन भी खोज निकाले गए। लंबी तकनीकी जांच, डिजिटल ट्रैकिंग और समन्वित प्रयासों के माध्यम से कुल 201 मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन मोबाइलों में विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 41 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस कंट्रोल रूम भिलाई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइल फोन को संबंधित आवेदकों को सौंपा गया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने दुर्ग पुलिस और साइबर यूनिट की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल वापस मिल पाएगा, लेकिन पुलिस की मेहनत से यह संभव हो सका।

दुर्ग पुलिस द्वारा वर्ष 2026 में आयोजित यह चौथा मोबाइल वितरण कार्यक्रम है, जो साइबर अपराधों और तकनीकी मामलों में पुलिस की बढ़ती दक्षता को दर्शाता है। पुलिस ने यह भी बताया कि बरामद मोबाइलों के आईएमईआई नंबरों की सूची सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर अपलोड की जाएगी, ताकि जिन लोगों के मोबाइल बरामद हुए हैं, वे पहचान कर एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट कार्यालय, सेक्टर-03 भिलाई से अपना मोबाइल प्राप्त कर सकें।

यह सफलता दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और पुलिस की प्रतिबद्धता के दम पर गुम हुए मोबाइल फोन को भी वापस पाया जा सकता है। दुर्ग पुलिस की यह पहल आम नागरिकों के लिए राहत और भरोसे का संदेश है।

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