अयोध्या, के राममंदिर परिसर में हुई कथित चोरी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। प्रशासन आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुट गया है। बताया जा रहा है कि चोरी के आरोपियों के अवैध निर्माणों की जांच की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस और प्रशासन मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं।
इधर, इस मामले को लेकर कानूनी विवाद भी गहरा गया है। अयोध्या में वकीलों के एक समूह ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या जिम्मेदारी बनती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए।
वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक ट्रस्टी ने इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले में गलती गोपाल राव की है और तथ्यों की सही जांच के बाद ही किसी पर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। ट्रस्ट का कहना है कि चोरी की घटना को गंभीरता से लिया गया है और जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, चंपत राय पर एफआईआर की मांग और ट्रस्ट की सफाई के बाद यह मामला कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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