रावघाट क्षेत्र में तैनात डाक्टर्स व पैरामेडिकल स्टाफ के लिए आवास बनकर तैयार हो गए हैं। डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बान दासगुप्ता ने इसे लोकार्पित किया। इससे रावघाट में निशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में गति मिलेगी। रावघाट के बफर जोन क्षेत्र में अस्पतालों, डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिकल सुविधाओं की तथा स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
इस कमी को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र में निशुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए बीएसपी प्रबंधन रामकृष्ण मिशन के साथ मिलकर काम कर रहा है। इसके लिए दोनों पक्षों के बीच 15 वर्षों के लिए एमओयू हुआ है। जिसके मुताबिक वर्ष 2021-22 से रावघाट माइंस के बफर जोन के गांवों में मुफ्त और निर्बाध चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को अलॉट किए जाएंगे।
मोबाइल डिस्पेंसरी के साथ एम्बुलेंस का होगा संचालन
समझौते के अनुरूप 2 अप्रैल को बिंजली गांव से प्रथम मोबाइल डिस्पेंसरी यूनिट शुरू की गई। इसी क्रम में सितंबर से भिलाई स्टील प्लांट के सहयोग से इस क्षेत्र में मोबाइल डिस्पेंसरी-सह-एम्बुलेंस का संचालन किया जा रहा है। यह सुविधा बीएसपी के सहयोग से रामकृष्ण मिशन आश्रम, नारायणपुर के माध्यम से रावघाट निवासियों को प्रदान की जा रही है, जिससे लोगों को फायदा होगा।
22 गांवों के ग्रामीणों को मिल रही फ्री चिकित्सकीय सुविधा
बीएसपी के रावघाट परियोजना के तहत बफर जोन के 22 गांवों के लोगों तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें बिंजली, खडकागांव, केरलापाल, खैराभाट, खोडगाँव, अंजरेल, परलभाट, सूपगांव, भरंडा, टेमुरगांव, कन्हेरा एवं गुरिया और कांकेर जिले के कोलर, मंगतासलेभाट, फूलपाड़, भैसगांव, आतुरबेड़ा, गोटिया, सर्गीपाल, कुम्हारी, पदरगाँव एवं तालाबेड़ा शामिल हैं।

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