नकटी, गांव में हुई तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर राज्य सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस से गरीबों के घर उजाड़ने का आरोप नहीं मिटेगा। उन्होंने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि यदि वहां किसी निर्माण की योजना नहीं थी तो मकानों को क्यों तोड़ा गया।
कांग्रेस का दावा है कि नकटी गांव में 85 मकानों और प्रधानमंत्री आवासों को तोड़ने की कार्रवाई अमानवीय, अनैतिक और गैरकानूनी है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि बारिश के मौसम में आमतौर पर विस्थापन की कार्रवाई नहीं की जाती, जबकि 29 जून को बुलडोजर चलाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित परिवारों को बिना समुचित पुनर्वास और सामान हटाने का पर्याप्त अवसर दिए कार्रवाई की गई।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों को जिन स्थानों पर बसाया जा रहा है, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। एक कमरे के मकान में बड़े परिवारों को रखने की व्यवस्था को अव्यवहारिक बताते हुए सरकार से पुनर्वास नीति पर सवाल उठाए गए। साथ ही यह भी पूछा गया कि आवंटित मकानों की राशि कौन देगा और इन्हें पूरी तरह निःशुल्क क्यों नहीं किया गया।
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार अपनी गलती स्वीकार करते हुए प्रभावित परिवारों के मकान दोबारा बनवाए, नुकसान का उचित मुआवजा दे, कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करे तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी को पद से हटाए। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर मामले को न्यायालय में ले जाया जाएगा।
(नोट: यह कांग्रेस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों और मांगों पर आधारित है। सरकार का पक्ष इस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है।)

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