नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ के ओरछा में पहली बार जनदर्शन का आयोजन किया गया। ये इलाका पूरी तरह से नक्सलियों के कब्जे में है। इसके बावजूद कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी अपनी टीम के साथ यहां पहुंचे और जनदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरा कई ग्रामीणों की समस्या का निदान किया गया। जिसके बाद उनके चेहरे में एक अलग ही खुशी देखने को मिली।
इस इलाके के ग्रामीणों की समस्या सुनने और सरकार की अलग-अलग योजनाओं का लाभ दिलाने के मकसद से इस जनदर्शन का आयोजन किया गया था। बुधवार को हुए जनदर्शन में समस्या से संबंधित 165 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं 500 से अधिक लोगों को जरूरी सामग्री का वितरण भी किया गया है।
बुधवार को लगता है बाजार
बताया जा रहा है कि जिले के कलेक्टर की जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही ऋतुराज रघुवंशी जिले के अलग-अलग इलाकों का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारी कर्मचारियों को अबूझमाड़ के ऐसे इलाके में भी जाकर काम करने के निर्देश दिए हैं। जहां पहले अधिकारी कर्मचारी नहीं जाते थे। उन्होंने अधिकारियों कर्मचारियों से कहा है कि विकासखंड मुख्यालय में 3 दिन रहकर काम करें। साथ ही लोगों की समस्या को खत्म करें। अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को जनदर्शन करने का एक ये भी कारण था कि बुधवार को इस इलाके में बाजार लगता है। जिसमें कई दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं।
ओरछा में आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में दूर-दराज से आए 165 ग्रामीणों ने सोलर पंप स्थापना, भूमि समतलीकरण, मनरेगा के तहत डबरी एवं तालाब निर्माण, राशन कार्ड एवं राशन कार्ड में सुधार, आधार कार्ड पंजीयन एवं आधार कार्ड में सुधार, पेंशन, रोजगार प्रदाय करने हेतु आवेदन सहित क्षेत्र की बिजली, पेयजल, सड़क, पुल-पुलिया, नाली, आयुष्मान कार्ड, जाति, आय, निवास प्रमाण पत्र, दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र एवं सहायक उपकरण आदि के संबंध में आवेदन दिए। वहीं शिविर में 500 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न विभागों द्वारा सामग्री, प्रमाण पत्र का वितरण किया गया।
कई किलोमीटर चलकर आया और मिला लाभ
यहां जनदर्शन में शामिल होने आया गट्टाकाल निवासी केयेराम ने बताया कि वह 30-35 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर यहां आया था। उसने बताया था कि वह यहां पर वृद्धावस्था पेंशन का आवेदन लेकर आया था। जिस पर कलेक्टर ने संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने उससे कहा है कि उसे इसी महीने से पेंशन का लाभ मिलने लगेगा। केयेराम ने कहा कि मुझे मेरी मेहनत का फल मिल गया है।
दिव्यांग बोली-मेरी किस्मत बदल दी
इधर जनदर्शन में ओरछा में रहने वाली कुमारी शांति भी अपना आवेदन लेकर पहुंची। शांती बताती है कि यह पहला मौका है, जब कोई कलेक्टर ओरछा में आकर हमारी समस्याओं को सुन रहा है और तत्काल उनका निराकरण भी कर रहा है। शांति दिव्यांगजन पेंशन हेतु आवेदन लेकर कलेक्टर के पास पहुंची। कलेक्टर ने बड़ी ही सादगी से उससे बातचीत करते हुए उसकी शैक्षणिक योग्यता सहित अन्य योग्यताओं के बारे में पूछा। शांति ने बताया कि वह 12वीं कक्षा उत्तीर्ण है, जिस पर कलेक्टर ने कहा कि पेंशन तो तुम्हें मिलेगा ही। इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारी को बुलाकर सहायक उपकरण प्रदान करने एवं शांति को कम्प्यूटर को कोर्स करवाने के निर्देश अधिकारियेां को दिए। शांति ने कहा कि मैं तो सिर्फ यहां पेंशन प्राप्त करने के लिए आयी थी। कलेक्टर साहब ने तो मेरी पूरी किस्मत ही बदल दी। मैं कलेक्टर सर की जीवन भर आभारी रहूंगी।

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