ढौर क्षेत्र में इन दिनों अवैध मुरूम खनन और परिवहन का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में बिना किसी भय के मुरूम का अवैध उत्खनन किया जा रहा है और भारी वाहन मुख्य मार्ग से खुलेआम मुरूम का परिवहन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस गतिविधि से शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं पर्यावरण और सड़क व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, खनन कार्य लंबे समय से जारी है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रैक्टर व डंपर मुरूम लेकर क्षेत्र से गुजर रहे हैं। मुख्य सड़क पर भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि संबंधित विभागों को इस गतिविधि की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन के कारण प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से दोहन हो रहा है। साथ ही, लगातार हो रहे उत्खनन से भूमि की संरचना प्रभावित हो रही है और भविष्य में पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खनन नियमों के अनुसार किसी भी खनिज के उत्खनन और परिवहन के लिए वैध अनुमति और रॉयल्टी आवश्यक होती है। यदि बिना अनुमति खनन और परिवहन किया जाता है तो यह कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे मामलों में प्रशासन द्वारा वाहन जब्ती, जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल क्षेत्र में अवैध मुरूम खनन और परिवहन को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह अवैध कारोबार और बढ़ सकता है। अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और खनिज विभाग पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और आरोपों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या नहीं।

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