मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में सुशासन तिहार के अंतर्गत बैंकिंग एवं वित्तीय जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा मानपुर स्थित आरसेटी भवन में जिला स्तरीय मेगा क्रेडिट कैंप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर तुलिका प्रजापति एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी भारती चंद्राकर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, किसान, युवा, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य आम नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं, स्वरोजगार योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराना तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने कहा कि वित्तीय साक्षरता और बैंकिंग जानकारी आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग विभिन्न योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते, जिससे उनके आर्थिक विकास पर असर पड़ता है। उन्होंने विशेष रूप से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि समूह आधारित गतिविधियों ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है और आज वे परिवार की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने व्यवसाय का विस्तार करें तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ें।
कलेक्टर ने जिले की वन संपदा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय वनोपज आधारित उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। यदि इन संसाधनों का वैज्ञानिक और व्यवस्थित उपयोग किया जाए तो ग्रामीणों और महिला समूहों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। उन्होंने “मोहला ब्रांड” की अवधारणा को महिलाओं की आर्थिक उन्नति से जोड़ते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों को एक पहचान देने से बाजार में उनकी मांग बढ़ेगी और समूहों को बेहतर आमदनी प्राप्त होगी। साथ ही उन्होंने ऑनलाइन लोन, फर्जी कॉल और साइबर ठगी जैसे मामलों से सतर्क रहने की सलाह देते हुए डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया।
जिला पंचायत सीईओ भारती चंद्राकर ने कहा कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की सफलता में परिवार और समाज का सहयोग भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं से उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, नए बाजारों की तलाश करने तथा समूह गतिविधियों के साथ व्यक्तिगत स्वरोजगार के अवसरों को भी अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “मोहला ब्रांड” के माध्यम से जिले के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और महिलाओं को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
शिविर में विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं क्षेत्रीय बैंकों के शाखा प्रबंधकों ने भाग लिया और लोगों को बैंकिंग सेवाओं तथा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम विश्वकर्मा योजना, पीएम स्वनिधि योजना, बीमा, ऋण, क्लेम प्रक्रिया, नॉमिनी अपडेट, मोबाइल नंबर लिंकिंग, डिजिटल बैंकिंग और वैल्यू एडिशन जैसे विषयों पर जानकारी साझा की गई। शिविर में उपस्थित लोगों की शंकाओं का समाधान किया गया तथा पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति एवं वितरण भी किया गया। मेगा क्रेडिट कैंप ने ग्रामीणों, किसानों, युवाओं और महिला समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में अपनी उपयोगिता साबित की।

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