कोरोना को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट: दुर्ग जिला अस्पताल सहित सभी शासकीय अस्पतालों में कोविड को लेकर मॉक ड्रिल किया गया।
त्वरित ख़बरें - निशा बिस्वास छत्तीसगढ़ ब्यूरो

दुर्ग के जिला अस्पताल सहित जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में कोविड को लेकर मॉक ड्रिल किया गया।

दुर्ग - एक बार फिर कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। केंद्र व राज्य सरकार के निर्देश पर स्वास्थ्य महकमा फिर से इसके लिए तैयारी में जुट गया है। इसीको देखते हुए दुर्ग के जिला अस्पताल सहित जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में कोविड को लेकर मॉक ड्रिल किया गया। इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम ने अस्पताल में बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन प्लांट और दवाओं की उपलब्धता को भी चेक किया।

केन्द्र एवं राज्य शासन के आदेश पर सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में कोविड-19 की तैयारी को लेकर अलर्ट किया गया है। कलेक्टर दुर्ग पुष्पेंद्र मीणा ने सीएमएचओ दुर्ग को सभी अस्पतालों में उपचार की तैयारी को अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ के निर्देश पर डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई है। इनके द्वारा 10 अप्रैल को जिला चिकित्सालय दुर्ग, लाल बहादुर शासकीय चिकित्सालय सुपेला (भिलाई) और जंबो कोविड सेंटर भिलाई में मॉक ड्रिल किया गया।

इसके साथ ही टीम के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में दुर्ग जिला के अन्य सभी स्वास्थ्य संस्थाओं जिसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र-धमधा, पाटन, झीट एवं कुम्हारी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टरों, उप स्वास्थ्य केन्द्रों में कार्यरत सभी प्रभारियों द्वारा मॉक ड्रिल कराया गया।

टीम ने देखा उपचार और व्यवस्था की तैयारी
इसके साथ ही टीम ने अस्पतालों में उपचार और वहां की व्यवस्था को भी देखा। उन्होंने देखा कि अस्पताल में उपकरण का रख-रखाव, बिस्तरों की स्थिति, दवाइयों की उपलब्धता, ऑक्सीजन प्लांटों की बुकिंग स्थिति, वाहनों में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं, डॉक्टरों, विशेषज्ञों, अधिकारियों व कर्मचारियों उपलब्धता है या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कार्यरत डॉक्टरों, विशेषज्ञों, अधिकारियों व कर्मचारियों की सजगता एवं जागरूकता के मापदंड को भी परखा।

जंबो कोविड सेंटर का बारीकी से निरीक्षण
दुर्ग में पिछले साल कोविड के बढ़ते केस को देखते हुए भिलाई सेक्टर 1 में एक जम्बो कोविड सेंटर तैयार किया गया था। यहां 44 कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती करने की क्षमाता है, जिसममें से 30 बेड ऑक्सीजन युक्त है। इसके साथ ही आईसीयू एवं 5 वेन्टीलेटर की भी व्यवस्था है। डॉक्टरों की टीम ने यहां मॉक ड्रिल के साथ ही ऑक्सीजन प्लांट से लेकर वेंटिलेटर और दवाओं की स्थिति को बारीकी से परखा और जो कमियां थी उन्हें दूर करने के निर्देश दिए।

मॉक ड्रिल में बताया कैसे निपटे आपातकालीन स्थिति से
मॉक ड्रिल के दौरान अस्पताल में कार्यरत सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बुलाया गया। इस दौरान उन्हें यह बताया गया कि उन्हें इस तरह की आपातकालीन स्थिति से कैसे निपटना है। पिछले कोविड संक्रमण के दौरान जिस तरह से डॉक्टरों और उनकी टीम ने काम किया उसे फिर से दोहराया गया। इस दौरान सभी एम्बुलेंस के ड्राइवर और सेवा देने वाले कर्मचारियों को बताया गया कि उन्हें किस तरह से पीपीटी किट पहन कर खुद को संक्रमण से बचाते हुए दूसरों की जान को बचाना है।

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