कचरा प्रबंधन में दुर्ग बना प्रदेश में नंबर-1, 180 टन खाद तैयार किया
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दुर्गं नगर निगम ने कचरा प्रबंधन में पूरे प्रदेश में अव्वल स्थान प्राप्त किया है। कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए निगम को सीआईआई के द्वारा थ्री आर रिसाइकल, रिड्यूस और रियूज अवार्ड से पुरस्कृत किया जाएगा। 16 नवम्बर को दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये ये अवार्ड दुर्ग निगम को दिया जाएगा। रैंकिंग से पहले गुप्त रूप से नगर निगम दुर्ग के कचरा प्रबंधन की स्थिति की जांच की गई थी। उसके बाद ही निगम दुर्ग को प्रथम स्थान दिया गया। निगम द्वारा सफाई को लेकर लगातार जनता से संवाद किया गया। इसके आधार पर सफाई को लेकर प्लानिंग भी की गई।

हर दिन गीला-सूखा कचरा अलग किया जा रहा
दुर्ग नगर निगम तीन आर रिसाइकिल, रिडयूस व रियूज के सिद्धांत के तहत अच्छा वेस्ट मैनेजमेंट बेहतर कार्य कर रहा है। शहर के हर घरों से गीला और सूखा कचरा प्रतिदिन अलग-अलग लिया जाता है। औसतन 80 टन से अधिक कचरा प्रतिदिन उत्पादित होता है, जिसमे 48 टन गीला एवं 32 टन सूखा कचरा होता है। इसका निष्पादन किया जा रहा।

पांच टन गीले कचरे की कम्पोस्टिंग की व्यवस्था
रोजाना 5 टन गीले कचरों को कई घरों एवं शहर के बड़े होटलों में स्वयं के द्वारा कम्पोस्ट का कार्य किया जाता है। दुर्ग शहर में तीन टाइम में शहर के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, होटलों एवं मांगलिक एवं सब्जी मंडियों से कचरा लिया जाता है एवं उसका सेग्रिगेशन किया जाता है। प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने अपील भी की गई।

180 टन खाद बना रहे, उसे काउंटर लगाकर बेच भी रहे
निगम के मुताबिक 43 टन गीले कचरे को निगम द्वारा एकत्रित कर प्रति माह खाद बनाया जा रहा है, जिससे औसतन प्रतिमाह 180 टन खाद बन रहा है। इससे प्रतिमाह 2 लाख रुपए से अधिक का खाद बेचा जा रहा है एवं सूखे कचरे व कबाड़ से निगम को 3 लाख रुपए का मुनाफा हुआ।

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