ट्विनसिटी में लगातार वाहनों की संख्या बढ़ रही है। इस बीच पार्किंग की भी समस्या सामने आने लगी है। इन दिनों 3,93,228 छोटे-बड़े वाहन दौड़ रहे हैं। इसकी तुलना में पार्किंग की सुविधा बहुत कम है। दुर्ग और भिलाई दोनों मिलाकर निजी और शासकीय संस्थानों समेत बाजार, रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड को मिलाकर पार्किंग स्थल की संख्या सिर्फ आठ है।
यहां भी सिर्फ 5500 वाहनों के ही पार्किंग की व्यवस्था है। गलियों से लेकर बाजार तक वाहनों की कतारों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़कों पर ही गाड़ियां खड़ी हो रही हैं। साथ ही पड़ोसी जिलों राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, राजधानी रायपुर की भी गाड़ियों की आवाजाही है। इस तरह शहर में दौड़ रहे वाहनों की तुलना में ट्विनसिटी में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। आकाशगंगा, जवाहर मार्केट, इंदिरा मार्केट दुर्ग, पावर हाउस तथा दुर्ग रेलवे स्टेशन के पास हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। भिलाई-3 पालिका बाजार में पार्किंग नहीं है।
9% टैक्स की होती है वसूली, इस राशि का उपयोग पब्लिक सुविधा के लिए
कोई भी वाहन जिसकी कीमत 60 हजार रुपए से अधिक है, उसकी 9 फीसदी राशि राज्य सरकार को टैक्स के रूप में जाती है। इसके अलावा रोड टैक्स और पंजीयन के लिए 350 रुपए अलग से लिए जाते हैं। टैक्स सड़कों के मेंटेनेंस और पार्किंग की व्यवस्था समेत अन्य कार्य के लिए लिया जाता है।
ट्विनसिटी में केवल 15 स्थानों पर ही पार्किंग की व्यवस्था, क्षमता बहुत कम
दुर्ग और भिलाई में सिर्फ 15 स्थान ही हैं, जहां पार्किंग की व्यवस्था है। इसके अनुसार दुर्ग में बस स्टैंड में 97 गाड़ियों के लिए, इंदिरा मार्केट में 350 वाहनों के लिए, दुर्ग रेलवे स्टेशन में दो भागों में एक हजार, पावर हाउस रेलवे स्टेशन में दो स्थानों पर 3-3 सौ, फल मंडी में 100 वाहन की पार्किंग क्षमता है।
पार्किंग उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी
विषय विशेषज्ञ व अधिवक्ता अनिल अग्रवाल बताते हैं कि पार्किंग का इंतजाम स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। आरटीओ सुविधा के नाम पर वाहन खरीदी पर 9 प्रतिशत का टैक्स वसूलती है। इस राशि का क्या हो रहा, इस राशि से पार्किंग के इंतजाम किए जाने चाहिए। पब्लिक शुल्क देने को तैयार है, लेकिन पार्किंग ही उपलब्ध नहीं होते। इस दिशा में बेहतर प्लानिंग की जरूरत है। निकायों को इस दिशा में काम करना चाहिए।
दोबारा सर्वे करा सकते हैं
हमारे पास जमीन नहीं है। वर्तमान जरूरतों को देखते हुए दोबारा सर्वे करा सकते हैं। वैसे लोगों की सुविधा के लिए त्योहार के समय टीबी अस्पताल का रास्ता खोला गया था। कुआं चौक के पास भी पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। हमारी कोशिश लोगों को सुविधा देने की है। इसमें लगातार काम कर रहे हैं।
-हरेश मंडावी, आयुक्त नगर निगम दुर्ग

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