इंडस्ट्रियल कंपनियां रिटेल पंपों से खरीद रहीं सस्ता फ्यूल:इसलिए हो रही किल्लत, बिलासपुर में 125 बसें बंद; माल ढुलाई-ट्रांसपोर्ट प्रभावित
त्वरित खबरे ;हर्ष कुमार गुप्ता

प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की आपूर्ति को लेकर लगातार बढ़ती समस्या अब परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों पर सीधा असर डालने लगी है। जानकारी के अनुसार, इंडस्ट्रियल कंपनियां बड़े डिपो या औद्योगिक सप्लाई चैनल की बजाय रिटेल पेट्रोल पंपों से सस्ता फ्यूल खरीद रही हैं, जिसके कारण आम उपभोक्ताओं और परिवहन सेवाओं के लिए ईंधन की किल्लत बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर बिलासपुर क्षेत्र में देखने को मिल रहा है, जहां डीजल की कमी के चलते करीब 125 बसों का संचालन बंद करना पड़ा है। बस सेवाएं प्रभावित होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं माल ढुलाई और ट्रांसपोर्ट कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि कई पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ही डीजल दिया जा रहा है, जबकि कुछ पंपों में स्टॉक खत्म होने जैसी स्थिति बन रही है। दूसरी ओर बड़ी औद्योगिक इकाइयां भारी मात्रा में रिटेल आउटलेट्स से डीजल खरीद रही हैं, जिससे सामान्य उपभोक्ताओं और सार्वजनिक परिवहन के लिए उपलब्धता कम हो गई है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि डीजल नहीं मिलने से कई रूटों पर बसें खड़ी करनी पड़ी हैं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अधिक दिक्कत हो रही है। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और दैनिक यात्री भी प्रभावित हो रहे हैं।

माल ढुलाई पर असर पड़ने से व्यापारिक गतिविधियों में भी सुस्ती आने लगी है। ट्रक ऑपरेटरों के अनुसार, ईंधन संकट के कारण कई वाहनों की आवाजाही सीमित करनी पड़ रही है, जिससे निर्माण सामग्री, खाद्यान्न और अन्य जरूरी सामानों की सप्लाई प्रभावित हो रही है। उद्योगों और ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि रिटेल पंपों से बड़े पैमाने पर औद्योगिक खरीद पर नियंत्रण लगाया जाए, ताकि आम जनता और परिवहन सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर ईंधन मिल सके। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं पेट्रोलियम कंपनियों से भी अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए संपर्क किया गया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आने वाले दिनों में परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर इसका असर और बढ़ सकता है।

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