जबलपुर में बाइक सवार दो बदमाशों ने महज 2 मिनट में 20 साल की सबसे दुस्साहसी वारदात को अंजाम दिया। हत्या कर लूट की इस वारदात ने संस्कारधानी से राजधानी तक हड़कंप मचा दिया है। हाल के दिनों में जबलपुर में हुए दुस्साहसिक वारदातों की लाइन लग गई है। 2002 में इससे पहले अधारताल में बदमाशों ने देना बैंक में 18 लाख की लूट की थी। तब कोई हताहत नहीं हुआ था। पर गोराबाजार के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम कैश लूट में बदमाशों ने चार लोगाें को हताहत किया।
चश्मदीद ने ये बताया
इस हत्या-लूटकांड में घायल ड्राइवर भरतीपुर इलाहाबाद बैंक के सामने रहने वाले अभिलाष यादव (38) ने बताया कि वह एक अगस्त 2020 से एसआईएस कंपनी भोपाल का एटीएम कैश वैन चलाता है। सुबह 9 बजे घर से कटंगा पहुंचा। कैश वाहन एमपी 04 जीबी 2215 को लेकर चौथापुल स्थित एसआईएस कार्यालय पहुंचा। यहां से गनमैन पान उमरिया कटनी निवासी राजबहादुर पटेल (45), कैशियर मटवारा भिटौनी शहपुरा निवासी राजबहादुर सिंह (34) और शाही नाका गढ़ा निवासी श्रेयांश ताम्रकार (28) को लेकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया गोकलपुर गया। वहां से कैश लेकर (खमरिया) पिपरिया स्थित सेट्रल बैंक के एटीएम में कैश लोड किया।
दोपहर पौने तीन बजे के लगभग पहुंचे थे तिलहरी
यहां से गोलबाजार एचडीएफसी बैंक कैश लेकर वहां के एटीएम में लोड किया। फिर बल्देवबाग स्थित गोपाल बाग यूनियन बैंक से कैश लेकर कुम्भारे हेल्थ क्लब दमोह नाका स्थित एचडीएफसी बैंक एटीएम में कैश लोड किया। वहां से यातायात थाना स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र से कैश लेकर उसके एटीएम में, फिर सिविल लाइन एचडीएफसी एटीएम, वहां से पेन्टीनाका होकर गोराबाजार तिलहरी स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र पहुंचे थे।
गैनमैन राजबहादुर पटेल वाहन में बैठे रहे
बैंक ऑफ महाराष्ट्र स्थित एटीएम पहुंचने से 28 सेकेंड पहले बाइक सवार बदमाश वहां पहुंचे थे। एक बदमाश पॉलीथिन में पिस्टल नुमा असलहा लेकर एटीएम के पास खड़ा हो गया। दूसरा बाहर बाइक स्टार्ट छोड़कर खड़ा रहा। दोनों के चेहरे नकाब से ढंके थे। कैश वाहन में गनमैन राजबहादुर पटेल आगे और दोनों कैशियर राजबहादुर सिंह व श्रेयांश ताम्रकार पीछे बैठे थे। दोनों कैशियर वाहन से कैश पेटी लेकर जैसे ही अंदर पहुंचे, तभी वहां पहले से मौजूद बदमाश ने उस पर फायर कर दिया। गोली लगते ही राजबहादुर सिंह गिर गया। इसके बाद बदमाश ने श्रेयांश को गोली मारी। इसके बाद वह कैश से भरा पेटी लेकर बाहर निकल आया
बाहर खड़े बदमाश ने गनमैन और ड्राइवर पर किया फायर
ठीक इसी समय वाहन से निकलने की कोशिश कर रहे गनमैन राजबहादुर पटेल के सीने में उसने एक गोली उतार दी। ड्राइवर अभिलाष यादव पर एक-एक कर दोनों बदमाशों ने चार फायर किए। कैश पेटी लेकर निकले बदमाश ने भी फायर किए। पुलिस को चार कारतूस बैंक परिसर के अंदर मिले। पर दोनों बदमाशों ने 8 राउंड से अधिक फायर किए। दोनों बदमाशों में एक दुबला-पतला और दूसरा लंबे बालों वाला था। दोनों ने महज दो मिनट में चार लोगों को हताहत कर कैश बॉक्स लूट कर बाइक से बरेला की ओर भाग निकले।
बाल-बाल बची महिला
बदमाश जब लूटपाट और फायर कर रहे थे। तभी एक महिला स्कूटी से बैंक पहुंची थी। वह स्कूटी खड़ी कर पाई थी, तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। ये सब इतनी तेजी से घटा कि वह सन्न रह गई। बदमाशों के जाने के बाद बैंक कर्मी व ग्राहक बाहर निकले। इसके बाद घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने गनमैन राजबहादुर पटेल को मृत घोषित कर दिया। राजबहादुर पटेल शहर में साई मंदिर जवाहर नगर आधारताल में रह रहे थे। वहीं कैशियर राजबहादुर सिंह और श्रेयांश पटेल को भर्ती कर लिया है।
एसआईएस कंपनी का दावा दो पेटी सुरक्षित
गोराबाजार टीआई सहदेव राम साहू के मुताबिक एसआईएस कंपनी के अनुप भट्टाचार्य ने बताया कि कैश की दो पेटी गाड़ी में सुरक्षित मिली है। बदमाश एक ही पेटी ले जा पाए। इसमें एटीएम में भरने के लिए 6 लाख रुपए कैश होने की बात कही जा रही है। हालांकि वारदात के बाद 40 लाख की रकम सामने आई थी। पर पुलिस का दावा है कि कंपनी ने मिलान के बाद 6 लाख रुपए ही बदमाशों के ले जाने की जानकारी दी है।
पुलिस ने लूट, हत्या व हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया
गोराबाजार पुलिस ने मामले में ड्राइवर अभिलाष यादव की शिकायत पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस क्षेत्र में जुआ आदि खेलने वालों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। घटनास्थल पर आईजी उमेश जोगा भी पहुंचे थे।
2002 में हुई थी देना बैंक लूट
जबलपुर में इससे पहले दुस्साहस भरी वारदात 2002 में आधारताल में बदमाशों ने देना बैंक में अंजाम दिया था। तब असलहों की धमकी देकर बदमाश 18 लाख रुपए लूट ले गए थे। चार बदमाशों में एक स्थानीय और अन्य दूसरे राज्यों के थे। एक आरोपी की हिमाचल प्रदेश में हत्या भी हो गई थी। हालांकि तब बदमाशों ने किसी को गोली नहीं मारी थी। 20 साल में पहली बार इस तरह हत्या कर बदमाशों ने दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया।

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