हर साल गेहूं की हजारों हेक्टेयर फसल आग में जलकर राख हो जाती हैं। जेएनकेवी ने इसका सरल समाधान खोजा है। बस किसानों को गेहूं के चारों ओर अलसी लगाना होगा। ये जहां फायदेमंद अलसी बीज उपलब्ध कराएंगे। वहीं गेहूं की फसल को आग और स्टेम बोरर रोग से भी बचाएंगे। गेहूं के साथ अलसी के फायदे जानकर किसान भी रह जाएंगे हैरान। एक्सपर्ट डॉ. संजय सिंह (कृषि वैज्ञानिक, पौध प्रजनक एवं आनुवांशिकी विभाग, JNKVV) से…
एमपी में अभी भी सिंचाई का एक बड़ा साधन भूमिगत सिंचाई पर आधारित है। इसके लिए एमपी में खेती के लिए अलग से इलेक्ट्रिसिटी लाइन बिछाई गई है। एग्रीकल्चर इलेक्ट्रिसिटी फीडर लाइन के मेंटेनेंस पर कम ध्यान दिया जाता है। इसकी वजह से हर साल गर्मी में जब गेहूं की फसल तैयार होती है तो शार्ट-सर्किट से आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती है। ऐसे हादसों को रोकने में अलसी कारगर है। अलसी आग नहीं पकड़ता है। गेहूं की फसल के चारों ओर चार से पांच मीटर की चौड़ाई में अलसी लगाना चाहिए।
अलसी में नहीं लगती कोई बीमारी
अलसी में बीमारी नहीं लगती है। ये गेहूं में स्टेम बोरर रोग नहीं लगने देता है। यह इसे पैदा करने वाले कीट को अपनी ओर आकर्षित कर लेता है। वहीं यदि गेहूं का बीज या ब्रीडर तैयार कर रहे हैं, तब भी अलसी बीच में लगाते हैं। कारण कि गेहूं और अलसी अलग किस्म के होते हैं। अलसी बगल के खेत से आने वाली दूसरी किस्मों के गेहूं के परागकण को रोक लेता है। इससे बीज की शुद्धता बनी रहती है।
अलसी के बीज सेहत के लिए भी फायदेमंद
अलसी के बीज सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका नियमित सेवन करके कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं। मोटापे से परेशान लोगों के लिए अलसी बेहद लाभकारी है। यह वजन घटाने में मदद करती है। अलसी को बीज दिल के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इसका सेवन सभी लोग कर सकते हैं।
अलसी ये तत्व मिलता है
एक चम्मच पिसी हुई अलसी 7 ग्राम की होती है। इसमें 1.28 ग्राम प्रोटीन, 2.95 ग्राम फैट, 2.02 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 1.91 ग्राम फाइबर, 17.8 मिग्रा कैल्शियम, 27.4 मिग्रा मैग्नीशियम, 44.9 मिग्रा फास्फोरस, 56.9 मिग्रा पोटैशियम, 6.09 माइक्रोग्राम फोलेट और 45.6 माइक्रोग्राम ल्यूटिन और जीएक्सेंथिन होता है।
हृदय रोग सहित कई बीमारियों से बचाता है
अलगी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं। इसके बीज पाचन को बेहतर बनाते हैं। अलसी के बीज टाइप 2 डायबिटीज, कैंसर और हृदय रोग के खतरे को भी कम करने में मदद करते हैं। कोलेस्ट्रॉल का लेवल 6 से 11 प्रतिशत तक कम हो सकता है। ये पाचनशक्ति को बढ़ाकर कब्ज की समस्या को दूर करता है। एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइटोकैमिकल्स गुण की वजह से अलसी बढ़ती उम्र में झुर्रियों को रोकते हुए चेहरे को चमकदार बनाता है।

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