दुर्ग, 12 जुलाई। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने रविवार को पुलिस कंट्रोल रूम, सेक्टर-6 दुर्ग में दुर्ग रेंज के अंतर्गत दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के बाद उन्होंने इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का निरीक्षण कर स्मार्ट पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग ने पिछले एक वर्ष के दौरान अपराध नियंत्रण, साइबर अपराधों की रोकथाम, मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान, संपत्ति संबंधी अपराधों के निराकरण, सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा जागरूकता तथा तकनीक आधारित पुलिसिंग की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया।
पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक अपराध की विवेचना वैज्ञानिक एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से की जाए तथा गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण, रोजनामचा के नियमित अध्ययन, अपराध प्रवृत्तियों के विश्लेषण, संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी और कानून-व्यवस्था की लगातार समीक्षा पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाने, महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों एवं कमजोर वर्गों से जुड़े मामलों में संवेदनशील और पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए। साथ ही साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए तकनीकी दक्षता बढ़ाने, डिजिटल साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग और आम नागरिकों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया।
DGP अरुण देव गौतम ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, पारिवारिक कल्याण, नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और टीमवर्क को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनता के प्रति विनम्र, पारदर्शी एवं उत्तरदायी व्यवहार सुनिश्चित करने की बात कही।
समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में स्थापित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) का अवलोकन किया। इस दौरान सीसीटीवी आधारित निगरानी, ऑटोमेटेड ट्रैफिक मॉनिटरिंग, ई-चालान व्यवस्था, डिजिटल प्रवर्तन प्रणाली तथा यातायात नियंत्रण तंत्र की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में दुर्ग, बालोद एवं बेमेतरा जिलों के राजपत्रित अधिकारियों के अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक हर्षित मेहर, प्रशांत सिंह पैकरा, सत्यप्रकाश तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक चंद्र प्रकाश तिवारी, भारती मरकाम, आकर्षि कश्यप, सेनानी नगर सेना नागेन्द्र सिंह, रक्षित निरीक्षक नीलकंठ वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन का संकल्प व्यक्त किया गया।

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