निकाय चुनाव के चलते दुर्ग जिला इन दिनों राजनीतिक रणभूमि बन गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आचारसंहिता लगने से पहले यहां कई विकास कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास कर रहे हैं। दूसरी तरफ भाजपा युवा मोर्चा के नेता CM का अलग-अलग तरीकों से विरोध कर रहे हैं। 18 नवंबर को CM के भूमिपूजन और लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विरोध करने से पुलिस रोक न पाए इसके लिए भाजयुमो नेताओं ने बुधवार रात ही अनोखे तरीके से विरोध किया। जिन-जिन जगहों पर CM का प्रोग्राम है उन सभी जगहों पर नेताओं ने सड़क पर “गो बैक कका” लिख दिया। बाद में जैसे ही पुलिस को पता चला उसे मिटाया गया। कुछ युवा नेताओं को रात 3 बजे तक थाने में भी बैठाया गया।
भाजयुमो के प्रदेश संयोजक शासकीय योजना एंव स्वाध्याय मंडल नितेश मिश्रा ने बताया कि प्रदेश गुंडों और अपराधियों का गढ़ बनता जा रहा है। कहीं पर कांग्रेसी पार्षद की हत्या कर दी जा रही है, कहीं पर अपहरण हो रहे है तो कहीं एनएसयूआई के नेता थानों में निर्दोषों के खिलाफ फर्जी एफआईआर लिखा रहे हैं। हुडको में जहां पर इंडोर स्टेडियम बनाने की घोषणा की गई थी वहां पर गार्डन के निर्माण की घोषणा की जा रही है। इस तरह जहां भी जो मन आ रहा है मनमाने तरीके से काम हो रहा है। इन्ही सारी बातों को लेकर भाजयुमों ने सीएम भूपेश बघेल का विरोध करने का निर्णय लिया है और जगह जगह “गो बैक कका” लिखा गया है।
सीएम के नाम की जगह कका का संबोधन
भाजयुमो नेताओं का कहना है कि कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कका नाम से बुलाते हैं और कहते हैं प्रदेश में कका की सरकार है। इसीलिए विरोध के दौरान “गो बैक कका” लिखा गया है।
कार्यक्रम के दौरान विरोध के लिए बड़े नेताओं के इशारे का इंतजार
भाजयुमो ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अलग-अलग तैयारी की हुई है। सूत्रों के हवाले से पता चला है कि उन्होंने इसकी जानकारी भाजपा के बड़े नेताओं को दी है। जैसे ही उनकी सहमति मिलती है भाजयुमो विरोध की रणनीति को साकार करने उतरेगा।
पुलिस ने की चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था
इधऱ सीएम भूपेश के दौरे को लेकर कुछ जगहों में विरोध की खबरें आने के बाद दुर्ग पुलिस अलर्ट हो गई है। जो नेता सीएम प्रोग्राम का विरोध कर सकते हैं या करवा सकते हैं उन्हें पुलिस ने थाने में बुलाकर नजरबंद कर दिया है। सूत्रों की माने तो पुलिस ने भाजयुमो नेता ठाकुर रणजीत सिंह, नितेश मिश्रा, विशाल शाही और रितेश ठाकुर सहित अन्य को थाने में बिठाया था। इसके बाद देर रात तीन बजे छोड़ा गया।

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