27 दिन बाद भी कॉलेजों ने नहीं भेजी प्रवेश लेने वाले स्टूडेंट्स की जानकारी
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प्रवेश प्रक्रिया के पूरे होने के 27 दिन बाद भी हेमचंद विवि से संबद्ध शासकीय, निजी और अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने उनकी संस्था में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या पोर्टल में अपडेट नहीं किया है। सही जानकारी नहीं मिलने की वजह से महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के नामांकन का काम रुका हुआ है।

साथ ही दिसंबर में प्रस्तावित पहले और तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा की तैयारी की गति भी थमी हुई है। विश्वविद्यायलय में अंडर ग्रेजुएशन के 45849 सीटें हैं। इसके लिए 1,22,364 आवेदन आए थे। विद्यार्थियों ने कॉलेजों में प्रवेश लिया। अभी तक विवि के पोर्टल में कॉलेजों ने सिर्फ 33,560 विद्यार्थियों के ही प्रवेश लेने की सूचना अपलोड की है। आने वाले दिनों में इसमें 5 हजार की और वृद्धि हो सकती है। इस तरह अभी भी अंडर ग्रेजुएशन की 7289 सीटें खाली हैं। इसी तरह पोस्ट ग्रेजुएशन की कुल 17,860 सीटों के लिए 77,001 आवेदन आए थे। अभी तक 7839 विद्यार्थियों के नाम ही अपलोड किए जा सके हैं। इस तरह अभी भी पीजी की 10,021 सीटें खाली बताई जा रही है। आने वाले दिनों में इसमें करीब 3 हजार का इजाफा हो सकता है। तब भी 7 हजार से अधिक सीटें खाली रह सकती हैं। इसे लेकर यूनिवर्सिटी द्वारा पुन: कॉलेजों से जानकारी मांगी गई है। साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जानकारी नहीं दिए जाने से नामांकन व परीक्षा की तैयारियां प्रभावित हो रही है।

5 बार रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन नहीं दिखाई गंभीरता
अफसरों का कहना है कि 15 अक्टूबर के बाद से अभी तक विवि से संबद्ध सभी प्राचार्यों, संचालकों और उनके प्रतिनिधियों को प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के नाम अपलोड करने के लिए रिमाइंडर डाला जा चुका है, फिर भी एडमिटेड छात्रों की संख्या पोर्टल में अपलोड नहीं किया जा रहा है। इसके लिए अब अंतिम चेतावनी जारी की जाएगी। प्राचार्यों की लेटलतीफी से पंजीयन यानी नामांकन का काम प्रभावित हो रहा है।

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