जिले भर में मनाया गया विश्व मधुमेह दिवस
कबीरधाम -:
शुगर व ब्लड हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में एक बहुत ही सामान्य समस्या के रूप में सामने आने लगी हैं। असंतुलित जीवनचर्या, तनाव की अधिकता व जेनेटिक कारणों से यह बीमारियां लोगों को लगातार चपेट में ले रही हैं। इस तरह की परेशानियों से बचाव हेतु 30 साल की उम्र के बाद विशेषकर शुगर और उच्च रक्त चाप से संबंधित बीमारियों की नियमित जांच कराते रहना लाभदायक हो सकता है। शुगर व हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित रोगों पर नियंत्रण करने का प्रयास करते हुए जिले भर में शिविर लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई तथा आवश्यक परामर्श दिए गए।
मधुमेह और उच्च रक्तचाप से संबंधित रोगों के कारण, लक्षण तथा इससे बचाव के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा मधुमेह दिवस मनाया गया। विकासखंड स्तर पर भी जगह-जगह शिविरों का आयोजन किया गया। कलेक्टोरेट में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा समेत 109 लोगों का ब्लड प्रेशर व शुगर जांच किया गया।
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ.अंकित गिरेपुंजे ने बताया:, “प्रति वर्ष 14 नवम्बर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष भी 14 से 20 नवम्बर तक मधुमेह जागरूकता सप्ताह मनाया गया।कलेटोरेट में आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में ब्लड प्रेशर के 14 नए सम्भावित मरीज पाए गए हैं। शिविर स्थल पर ब्लड प्रेशर के 8 पुराने मरीजों ने भी स्वास्थ्य जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह ली। इसी तरह शुगर के 5 सम्भावित मरीज पाए गए हैं तथा 11 मरीजों ने जांच कराकर चिकित्सकीय सलाह ली है। इसी क्रम में वृद्धाश्रम, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व कलेक्टोरेट जनदर्शन में आरएमए शिवगोपाल परिहार के नेतृत्व में लगभग 65 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया”।
शिविर में फार्मासिस्ट अविनाश चन्द्रवंशी, एमएल्टी कुबेर सेन, स्टाफ नर्स ज्योति सिन्हा,अंजुम खान व गौरव सोनी ने सेवाएं दीं।
इस संबंध में कबीरधाम के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार मण्डल ने बताया:,”असंतुलित जीवनचर्या, तनाव की अधिकता व जेनेटिक कारणों से शुगर व ब्लड प्रेशर से संबंधित बीमारियां लोगों को लगातार चपेट में ले रही हैं और ऐसे में इस तरह की परेशानियों से बचाव हेतु 30 साल की उम्र के बाद विशेषकर शुगर और ब्लड प्रेशर से संबंधित बीमारियों की नियमित जांच कराते रहना लाभदायक हो सकता है। शरीर मे इन्सुलिन का मैनेजमेंट बिगड़ने के कारण रक्त में ग्लूकोज की अधिकता हो जाती है और अनेक अन्य बीमारियों के भी होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थितयों में व्यक्ति को तत्काल अपने बीपी और शुगर की जांच कराना चाहिए तथा चिकित्सकों की सलाह और उपचार लेना चाहिए। शुगर व ब्लड प्रेशर से संबंधित रोगों की गति को गंभीरता से लेते हुए विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल सहित प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शर्करा परीक्षण व रक्तदाब परीक्षण किया गया”।
शुगर के लक्षण:
-बार-बार पेशाब लगना
-थकावट
-कमजोरी
-किसी घाव का जल्दी न भर पाना
-वज़न कम होना
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