नई दिल्ली। देशभर में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। संसद के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और बड़ी संख्या में पार्टी सांसदों व कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री आवास के निकट और जंतर-मंतर क्षेत्र में धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
प्रधानमंत्री आवास के संवेदनशील क्षेत्र के करीब प्रदर्शन होने के कारण पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की। इस दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
विपक्ष का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है। अब इस मुद्दे पर संसद से लेकर सड़क तक राजनीतिक टकराव तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और अधिक गरमा सकता है।
छात्रों के समर्थन में विपक्ष का प्रदर्शन
विपक्ष ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे कथित पेपर लीक मामलों ने देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है और सरकार इस मुद्दे पर जवाबदेही तय करने में विफल रही है।
प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए व्यापक सुधार लागू करने की भी मांग उठाई गई।
विपक्षी नेताओं का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर सरकार को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस और प्रभावी कदम उठाने चाहिए। वहीं, इस प्रदर्शन के बाद पेपर लीक और परीक्षा सुधार का मुद्दा अब संसद के साथ-साथ सड़कों पर भी प्रमुख राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।

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