राजनांदगांव : राजनांदगांव में मां बम्लेश्वरी महिला समूह के द्वारा विभिन्न अनोखा कार्य करने के पीछे अनेकों लोगों ने अपनी सेवा दी है 2001 में अभियान की शुरूआत हुई उस समय तत्कालीन कलेक्टर दिनेश श्रीवास्तव ने पद्मश्री फूलबासन यादव को मां बम्लेश्वरी महिला समूह बनाकर संबल बनाने कि जिम्मेदारी दी गई श्रीमती यादव गांव गांव जाकर महिलाओं का समूह बनाती महिलाओं को आगे बढ़ाने खूब मेहनत की प्रारंभ में स्वयं साइकिल सीखकर हजारों महिलाओं साइकिल सीखने प्रेरित करते हुए सफल किए 625 गांव में शराब बंदी की, हजारों सोकता गड्ढा बनवाया इस दौरान 6 हजार से अधिक समूह बने 70 हजार महिलाएं समूह में जुड़कर घर से बाहर निकली सरकारी कामकाज को समझने लगी, छोटी छोटी राशि बचत की आदत बनी इसी आदत से साहूकार से मुक्ति मिली बैंकों ने आसानी से लोन दी बैंकर राजेश साहू, स्व. एम.डी. मानिकपुरी के मदद मिला वे छुट्टी के दिन में समूह के साथ बैठक कर प्रेरित करते वर्ष 2003 में कलेक्टर का ट्रांसफर होता है कुछ वर्ष सहयोग नहीं मिलता है महिलाएं निराश दुखी रहतीं है फिर वर्ष 2004 से एनजीओऔर अखबार जगत से जुड़े शिव कुमार देवांगन की एंट्री होती है वे मां बम्लेश्वरी समूह को पुनःसंगठित करते है पद्मश्री फूलबासन यादव के नेतृत्व में लगातार अभियान चलाई जाती है परिणाम काफी अच्छा आने लगा इसे और विस्तार करते हुए वर्ष 2008 में मां बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति बनाया गया इस बैनर तले यादव के नेतृत्व में नशा मुक्ति, स्वच्छता, रोजगार के लिए लगातार अभियान चलाया जाता, सैकड़ों बीहड़ आदिवासी नक्सल क्षेत्र के गांवों में पदयात्रा की जाती, इस यात्रा में श्रीमती यादव के बुलावा में प्रशासन के मुखिया चीफ सेक्रेट्री, सचिव, कलेक्टर, सांसद जैसे बड़ी हस्ती उपस्थिति होती रही उनके कार्य को देखते हु वर्ष 2012 में पद्मश्री दिया जाता काम का लगातार विस्तार होते रहा शासन की सभी योजना को सफल बनाते गए महिलाओं हो रहे घरेलू हिंसा को रोकने 815 गांव में महिला फौज बनाई गई, एक दिन में प्रशासन के साथ मिलकर 5 लाख पौधे लगाए गए,35 लाख से अधिक जिमीकन्द का बीज लगाया गया इत्यादि कार्य किए गए इस कार्य के लिए श्रीमति फूलबासन यादव को ढेरों राष्ट्रीय पुरस्कार देकर उनके कार्य को प्रसिद्धि मिली साथ ही सोनी टीवी के कौन बनेगा करोड़पति में हार्ड सीट में पहुंचकर 50 लाख जीते और उनके कार्य के लिए कर्मवीर से सम्मानित किया फूलबासन के साथ कार्य करने वाली समिति की सचिव मधुलिका रामटेके को वर्ष 2022 में महिला बाल विकास विभाग भारत सरकार ने नारी शक्ति पुरस्कार दिया, डेयरी में माधुरी जघेल को पशु पालन विभाग भारत सरकार ने गोपाल रत्न, कुमारी ममता चंद्रवंशी को छत्तीसगढ़ सरकार का कौशल्या सम्मान, धनेश्वरी, जानिया, खिलेश्वरी को राष्ट्रीय पुरस्कार एनजीओ के द्वारा साथ ही 7 महिला समूह को नाबार्ड का राज्य पुरस्कार मिला, मां बम्लेश्वरी समूह को आगे बढ़ाने इंदु साहू,शैल यादव, गोदावरी निषाद, आगासिया साहू ने अहम भूमिका निभाई है साथ ही सुनील देवांगन, विनोद साहू, डालेस्वर , तिहारु, थानू को भी भुलाया नहीं जा सकता वर्तमान में श्रीमती फूलबासन यादव पानी की विकराल रूप को देखते हुए गांव गांव में जल संरक्षण के लिए नीर और नारी जलयात्रा लगभग 400 गांव में निकाली गई है , लगभग 14000 समूह में 2 लाख महिलाएं जुड़कर सामाजिक मुद्दे में आवाज बुलंद कर रही है और रोजगार भी अपना रही है|
त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

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