रायपुर। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। योजना का लाभ महिलाओं के लिए निर्धारित होने के बावजूद एक पुरुष को करीब एक साल तक योजना की राशि मिलती रही। मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, हितग्राही के रूप में महिला के बजाय उसके पति का नाम दर्ज हो गया, जिसके चलते योजना की किस्तें पुरुष के खाते में पहुंचती रहीं। मामला उजागर होने पर संबंधित व्यक्ति ने सफाई देते हुए कहा कि उसने "ट्रायल के लिए फॉर्म भरा था" और जानबूझकर किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आवेदन प्रक्रिया के दौरान हितग्राही संबंधी जानकारी में गड़बड़ी हुई, जिसकी वजह से योजना का लाभ गलत व्यक्ति तक पहुंच गया। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि यह तकनीकी त्रुटि थी, लापरवाही या फिर नियमों का दुरुपयोग।
मामले के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन या फर्जी जानकारी देकर लाभ लेने की पुष्टि होती है, तो राशि की वसूली के साथ नियमानुसार कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस घटना के बाद महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों के सत्यापन और आवेदन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।

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