राजनांदगांव। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने और कीटनाशकों की अवैध एवं नियम विरुद्ध बिक्री पर रोक लगाने कृषि विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देश पर उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर के मार्गदर्शन में विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ दबिश देकर कुल 25 कीटनाशक विक्रय प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कृषि विभाग की टीमों ने दुकानों में उपलब्ध कीटनाशकों के स्टॉक, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री अभिलेख, अनुज्ञप्ति यानी लाइसेंस तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। जांच में कई प्रतिष्ठानों में नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद 20 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि 5 विक्रय परिसरों में जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।
विभाग के अनुसार दुर्गा कृषि केन्द्र डुमरडीह, सिन्हा कृषि केन्द्र तिलई, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र लखोली नाका राजनांदगांव, महावीर ट्रेडर्स बसंतपुर, सोनकर कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, भारत कृषि केन्द्र पुराना गंज चौक, प्रजापति कृषि सेवा केन्द्र कोकपुर, शिवम कृषि केन्द्र मोहड़, हरिओम कृषि केन्द्र अरसीटोला, साहू कृषि केन्द्र छुरिया, आरू कृषि केन्द्र छुरिया, लक्ष्मी कृषि केन्द्र छुरिया, सिन्हा कृषि केन्द्र धुसेरा, हरिओम कृषि केन्द्र मुसराकला और पूरन एग्रोटेक ढारा सहित कुल 20 प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
वहीं श्री कृषि केन्द्र कुम्हालोरी, शिवशक्ति कृषि केन्द्र सुरगी, साहू कृषि केन्द्र उपरवाह, छत्तीसगढ़ कृषि केन्द्र सिंगारपुर और साहू कृषि केन्द्र कोकपुर में नियमानुसार जप्ती एवं सुपुर्दगी की कार्रवाई की गई।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना निर्धारित प्रक्रिया के कीटनाशकों की बिक्री, स्टॉक का उचित संधारण नहीं करना, लाइसेंस में निर्धारित शर्तों का उल्लंघन करना अथवा निर्धारित गुणवत्ता मानकों के विपरीत कीटनाशकों का व्यापार करना विक्रेताओं को भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में कीटनाशी अधिनियम 1968 एवं कीटनाशी नियम 1971 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उप संचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने जिले के सभी लाइसेंसधारी कीटनाशक विक्रेताओं से किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तापूर्ण कीटनाशक उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही शासन द्वारा निर्धारित सभी नियमों और गाइडलाइन का अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, उर्वरक और कीटनाशक समेत अन्य कृषि आदान उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कृषि आदानों की गुणवत्ता, स्टॉक और बिक्री व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिले में कीटनाशक दुकानों और अन्य कृषि आदान विक्रय केंद्रों का निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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