5 जूलाई 2022
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, जगदलपुर और जशपुर में रिटायर्ड सैनिकों और उनके परिजनाें काे जांच और इलाज की सुविधा के लिए शुरू होने वाला पॉलीक्लीनिक पांच साल बाद भी नहीं बन पाया है। राज्य शासन ने पांच साल पहले बिलासपुर में इस सुविधा के लिए जमीन तो उपलब्ध करवा दी है, लेकिन फंड के अभाव में इसका निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। स्थिति यह है कि राज्य बनने के बाद से ही यहां सेना के रिटायर्ड जवान और उनके परिवारों को सिर्फ प्राथमिक तौर पर ही इलाज की सुविधा दी जा रही है। ज्यादा बीमार होने पर रायपुर रेफर करना पड़ रहा है। अब एसईसीएल को पत्र लिखकर फंड मंजूर करने का आग्रह किया गया है।
सिर्फ बिलासपुर में ही रिटायर्ड सैनिक और उनके आश्रितों की संख्या 2 हजार के करीब है। इन्हें जिला सैनिक कल्याण बोर्ड से कई तरह की सुविधाएं मिल रही हैं। यहां से मुंगेली, कोरबा, जांजगीर और पेंड्रा मरवाही के रिटायर्ड फौजी और उनका परिवार जुड़ा है। इसके अलावा जगदलपुर और जशपुर में भी इनकी संख्या हजारों में हैं। जिनके लिए ही 2015 में ईसीएच पॉलीक्लिनिक निर्माण की सुविधा को मंजूरी मिली। उद्देश्य था कि वहां के रिटायर्ड जवान और परिजन मेडिकल चिकित्सा के लिए ना भटके और उन्हें शासन की योजना का लाभ मिले। शेष | पेज 11
ब्रिगेडियर ने एसईसीएल को मदद के लिए पत्र लिखा
सैनिक कल्याण संचालनालय ने बिलासपुर में जिला सैनिक बोर्ड के कैप्टन भरत कुमार को पत्र लिखा है। इसे एसईसीएल को भेजा गया है। अस्पताल निर्माण की जरूरत बताते हुए आग्रह किया गया है कि वे इस पॉलीक्लिनिक हॉस्पिटल के निर्माण में सहयोग करें। ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने एसईसीएल को प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया है।
99 लाख रुपए की जरूरत, तब मिलेंगी दूसरी सुविधाएं
जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारियों ने 6 हजार वर्गफीट में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक के भवन निर्माण की योजना तैयार की है। इस मंशा से कि आने वाले दिनों में रिटायर होने वाले फौजियों काे भी इसका लाभ मिल सके। भवन के लिए 99 लाख रुपए का प्रस्ताव तैयार है। लेकिन अभी तक इन पैसों को कहीं से मंजूरी नहीं मिली है।
फंड रिलीज होने वाला है, फिर सुविधाएं मिलने लगेंगी
"ईसीएचएस अस्पताल के लिए एसईसीएल से चर्चा हुई है। उन्होंने फंड रिलीज करने का कहा है। फिलहाल रिटायर्ड सैनिक और आश्रितों के लिए बिलासपुर में किसी भी अस्पताल से करार नहीं है। ज्यादा बीमार होने पर रायपुर रेफर किया जाता है। "

Facebook Conversations