दुर्ग में भ्रष्टाचार पर कार्रवाई: GPF भुगतान के लिए ₹10 हजार की रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथों पकड़ा गया
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जल संसाधन विभाग के एक बाबू को ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। आरोपी कर्मचारी पर एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के GPF (जनरल प्रोविडेंट फंड) की राशि जारी करने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।

जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता को अपने GPF से लगभग ₹5 लाख की राशि निकालनी थी। आरोप है कि फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के लिए विभाग के बाबू ने ₹10 हजार की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी (ACB/EOW) को दी।

शिकायत का सत्यापन करने के बाद ACB/EOW की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपी बाबू ने शिकायतकर्ता से ₹10 हजार की रिश्वत ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली गई।

फिलहाल ACB/EOW की टीम आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने इससे पहले भी इस तरह के मामलों में रिश्वत ली है या नहीं।

इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत मांगता है, तो उसकी शिकायत तत्काल ACB/EOW से करें।

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