छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर की लाइफ लाइन मानी जा रही दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन का निर्माण जल्द शुरू कराने बड़े आंदोलन की तैयारी है। आंदोलन गांधीजी के दांडी मार्च की तरह शुरू होगी। सर्व नागिरक मंच के बैनर तले आंदोलन में बस्तर संभाग के सभी जिलों की लोगों की सहभागिता होगी। आंदोलन 3 अप्रैल को अंतागढ़ से शुरू होगा। लगभग 150 किमी की पदयात्रा 10 दिनों में पूरी होगी। इसके बाद 13 अप्रैल को जगदलपुर में विशाल आमसभा की तैयारी है, जिसमें बस्तर लाखों लोगों के शामिल होने की बातें कही जा रही है।
बता दें कि दल्लीराजहरा-जगदलपुर रेल लाइन का कार्य दो चरणों में किया जाना है। प्रथम चरण में राजहरा से रावघाट 90 किमी और रावघाट से जगदलपुर 140 किमी का कार्य दूसरे चरण में किया जाना था। कार्य में लगातार देरी से बस्तर के लोगों में आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। बस्तर के लोग वर्षों से रेल मंत्रालय, रेल बोर्ड और केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाते रहे हैं, लेकिन तेजी से काम शुरू नहीं हो पाया है। कई वर्षों से काम जल्द शुरू होने की बातें ही कही जा रही है। जगदलपुर से रावघाट तक रेललाइन का कार्य जल्द शुरू कराने सर्व नागरिक मंच के जरिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाने निर्णय लिया गया। इसके लिए कई चरणों में आंदोलन करने पर सहमति बनी है। पदयात्रा को सर्व समाज संगठन, व्यापारी संगठन, बस्तर परिवहन संघ, आदिवासी समाज के अलावा अन्य संघों का समर्थन मिल रहा है। सर्व नागरिक मंच जोर-शोर से आंदोलन की तैयारियों में जुटा हुआ है।
रेललाइन नहीं तो बस्तर का लोहा नहीं ले जाने देंगे
प्रथम चरण में गांधीगीरी का तरीका अपनाते हुए दांडी यात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा के बाद भी यदि रेल मंत्रालय कोई ठोस पहल नहीं करता तो आने वाले दिनों में सर्व नागरिक मंच के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन अंतागढ़ से लेकर जगदलपुर तक किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो बस्तर के लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन भी करेंगे। सर्व नागरिक मंच से जुड़े लोगों ने बताया कि मंच का यह आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा। केंद्र सरकार द्वारा रेल लाइन निर्माण के लिए पहल नहीं करने पर अंत में बस्तर के लौह अयस्क परिवहन को रोका जाएगा।
बस्तर की संपदा का दोहन, सुविधा नहीं मिल रही
सर्व नागरिक मंच के किशोर पारख, संपत झा ने बताया कि रेल आंदोलन के लिए सर्वसमाज की बैठक हुई है। सर्व समाज की बैठक में यह तय किया गया कि सभी समाज के सक्रिय युवकों आंदोलन से जोड़ा जाएगा। बस्तर के लिए जनजागरण अभियान भी चलाया जाएगा। शहर से लेकर गांवों तक आंदोलन का विस्तार किया जाएगा। कुछ समाज के लोगों ने रुचि दिखाते युवाओं की सूची भेजी है। कई समाज की सूची अब तक प्राप्त नहीं हुई है। सर्व नागरिक मंच शांतिपूर्ण आंदोलन की रणनीति बनाई गई है। मंच के लोगों ने कहा कि बस्तर की संपदा का दोहन हो रहा है, लेकिन सुविधा नहीं मिल रही है।
राजधानी से बस्तर के लिए सड़क मार्ग की विकल्प
पहले चरण में दल्लीराजहरा से रावघाट तक निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसमें अंतागढ़ तक रेल लाइन का निर्माण पूरा होने की स्थिति है। रायपुर व दुर्ग से बस्तर के लिए सीधी रेल सुविधा नहीं है। यहां बस मार्ग की ही सुविधा है। कुछ समय पहले दुर्ग से जगदलपुर के लिए यात्री ट्रेन शुरू की गई थी, जो ओडिशा से होकर बस्तर जाती थी, जिसे पहुंचने में 16 से 18 घंटे का समय लगता था। जबकि बस से सात से आठ घंटों में सफर तय होता है। बस से सफर करने पर किराया भी अधिक लगता है। रेल लाइन बिछने के बाद बस्तर राजधानी व दुर्ग से से सीधे जुड़ जाएगा।

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