खेत में फंदा लगाकर जान देने जा रहा था 17 वर्षीय किशोर, 6 साल के मासूम और ग्रामीणों की सतर्कता से बची जिंदगी
बेला। थाना बेला क्षेत्र के ग्राम मढ़ादासपुर में गुरुवार सुबह एक 17 वर्षीय किशोर ने आत्महत्या का प्रयास किया, लेकिन गांव के 6 वर्षीय मासूम बच्चे की सूझबूझ और ग्रामीणों की तत्परता से उसकी जान बच गई। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, किशोर को सुरक्षित नीचे उतारा और 108 एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।
खेत में किया आत्महत्या का प्रयास
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम मढ़ादासपुर निवासी शोभित कुमार (17) पुत्र रघुनाथ प्रसाद गुरुवार सुबह घर से निकला और खेत की ओर चला गया। वहां उसने नीम के पेड़ पर दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया।
6 वर्षीय बच्चे की सतर्कता बनी जीवनरक्षक
इसी दौरान खेत की ओर जा रहे 6 वर्षीय बालक अनुराग की नजर किशोर पर पड़ी। स्थिति को समझते ही उसने जोर-जोर से शोर मचाया। बच्चे की आवाज सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और गांव के युवक तुरंत मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने समय रहते बचाई जान
ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए पेड़ पर चढ़कर फंदा काटा और किशोर को सुरक्षित नीचे उतारा। इसके बाद 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई और गंभीर अवस्था में किशोर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बेला ले जाया गया।
अस्पताल में चल रहा उपचार
सीएचसी बेला में मौजूद ट्रेनी फार्मासिस्ट अंशू, स्टाफ नर्स हेमवती और वार्ड बॉय संजय यादव सहित स्वास्थ्यकर्मियों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार किशोर की हालत फिलहाल स्थिर है और उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
ग्रामीणों की तत्परता और मासूम की सूझबूझ की हो रही सराहना
इस घटना के बाद पूरे गांव में 6 वर्षीय अनुराग की सतर्कता और ग्रामीणों की मानवता व साहस की जमकर सराहना हो रही है। समय रहते उठाए गए कदमों से एक बड़ी अनहोनी टल गई।

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