खामियाें को दूर किया जाएगा:ब्लैक स्पॉट की रोड इंजीनियरिंग को 72 घंटे में सुधारा जाएगा मेडिकल स्टाफ को ट्रामा ट्रेनिंग देंगे, एंबुलेंस बेस स्टेशन बनेगा
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ट्रैफिक पुलिस सड़क हादसों को रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर तमिलनाडु और ओडिसा मॉडल को अपनाएगी। एक तरफ दोनों विभाग को ओडिसा की तर्ज पर शहर व जिले की सभी सड़कों का सेफ्टी ऑडिट करके रिपोर्ट तैयार करना होगा, जिसके बाद सड़क पर मिली तकनीकी खामियाें को दूर किया जाएगा। वहीं तमिलनाडु की तर्ज पर जिले के ब्लैक व ग्रे स्पॉट वाली जगहों पर सीधे रोड इंजीनियरिंग की खामियां पता लगाकर 72 घंटे में दूर किया जाएगा। जिले में 11 महीने में 192 लोगों की मौत हो चुकी है।

हादसे वाली जगहों पर 24 घंटे रहेगी एंबुलेस सुविधा
इसके अलावा जिले के हादसे की संभावना वाली जगहों पर एंबुलेंस की सुविधा 24 घंटे रखी जाएगी। उसके कर्मचारियों को ट्रामा ट्रेनिंग यानी तत्काल इलाज के लिए तैयार किया जाएगा। कर्मियों को उस स्तर पर तैयार किया जाएगा कि वे सीधे अस्पताल के डॉक्टरों से बात कर घायल या गंभीर व्यक्ति की जान बचाने में तत्पर हो सके। अस्पताल पहुंचने से पहले उसे प्राथमिक उपचार दे सके। एंबुलेंस बेस बनेगा। ट्रैफिक पुलिस ने गुरुवार को दोनों राज्यों के मॉडल अपनाने दोनों विभागों को पत्र लिखा है।

तमिलनाडु:रोड इंजीनियरिंग की खामियां तुरंत दूर की जाती है
यातायात पुलिस अधिकारियों के मुताबिक तमिलनाडु मॉडल के मुताबिक स्टेट और नेशनल हाइवे पर जब सड़क दुर्घटना में किसी की मौत हो जाती है तो पीडब्लूडी विभाग घटना स्थल की खामियों को 24 घंटे के भीतर रैक्टीफाई करता है। इसके 48 घंटे के भीतर खामियों को दूर करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। इसके बाद 72 घंटे के भीतर घटना स्थल पर दोबारा हादसा न हो इसके लिए पूरे इंतजाम कर दिए जाते हैं।

ओडिसा: रोड सेफ्टी कमेटी की अनुशंसा पर होते हैं कार्य
ओडीसा में हाल ही में राज्य सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने स्टेट और नेशनल हाइवे की सड़कों की रोड सेफ्टी कमेटी से ऑडिट रिपोर्ट तैयार करवाई। कमेटी ने दुर्घटनाग्रस्त स्थानों को चिन्हित करके रिपोर्ट तैयार की। इसके बाद कमेटी की अनुशंसा पर सरकार ने खामियोंं को दूर किया। जिससे सड़क हादसों के आंकड़ों को कम किया जा सके। इसके तहत ब्रेकर बनाना, कैटआई लगाना सहित अन्य कार्य किए जाते हैं।

सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यह पहल कर रहे
तमिलनाडु और ओडीसा मॉडल की तर्ज पर सड़क हादसों को रोकने की पहल की जा रही है। दुर्घटना के आंकड़ों को कम करने के लिए दोनों राज्यों को मॉडल को अपनाया जा रहा है। इसके पीडब्ल्यूडी और स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। जिससे रोड इंजीनियरिंग की खामियों को दूर करने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा सके। जवाब आने के बाद टीम बनाकर योजनाओं को अमल में लाया जाएगा। इसी पूरी मॉनीटरिंग भी की जाएगी।
-गुरजीत सिंह, डीएसपी ट्रैफिक

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