26 मई 2022
वो रसगुल्ला जिसका नाम सुनते ही सबके मुंह में पानी आ जाता है। वो अचानक भारतीय रेलवे (Indian Railways) के लिए कैसे कड़वाहट साबित हो गया? दरअसल बिहार से अजीब घटना सामने आ रही है, जहां लखीसराय के बड़हिया रेलवे स्टेशन पर 10 ट्रेनों को रोकने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने लगभग 40 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। वो इसलिए हुआ कि यहां के स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर टेंट लगा दिया, जिस कारण 40 घंटे तक ट्रेनों की आवाजाही ठप हो गई। वहीं हावड़ा-दिल्ली रेल लाइन पर एक दर्जन ट्रेनों को 24 घंटे के लिए रद्द करना पड़ा जबकि 100 से ज्यादा ट्रेनों को डायवर्ट किया गया।
बता दें कि, लखीसराय का रसगुल्ला देशभर में अपनी अनोखी मिठास के लिए जाना जाता है। देश में इसकी भारी मांग है इसलिए इसे तैयार कर दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। फिर चाहे वो शादी हो या कोई और समारोह हर जगह मेहमानों को इसी रसगुल्ले का स्वाद चखाया जाता है। कोरोना के दौरान भी बड़हिया में ट्रेनों के ना रुकने से इसका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ और व्यापारी नाराज हो गए। साथ ही वे देश के कई हिस्सों में इसकी आपूर्ती नहीं कर सके। जिससे स्थानीय लोग और व्यापारी आक्रोशित हो गए। इस पूरे मामले पर लखीसराय के जिला मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने बताया कि काफी तादात में लोग स्टेशन पर पटरियों पर बैठ गए और बरहिया में कई एक्सप्रेस ट्रेनों को रुकाने की मांग करने लगे, जिस कारण ये विरोध प्रदर्शन हुआ। फिलहाल इस पूरे मामले में रेलवे द्वारा लिखित में एक एक्सप्रेस ट्रेन का ठहराव सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। फिर जाके ये प्रदर्शन बंद हो पाया।

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