जबलपुर के गुप्तेश्वर में स्थित गुप्तेश्वर महादेव सबसे प्राचीन शिवमंदिर
त्वरित ख़बरें - महाशिवरात्रि पर 48 घंटे का विशेष पूजन-अर्चना हो रहा है

जबलपुर मां नर्मदा के तट पर बसा शहर है। मान्यता है कि नर्मदा का हर कंकड़ शंकर है। जबलपुर में भगवान भोलेनाथ के कई मंदिर हैं। गुप्तेश्वर में स्थापित शिवलिंग को रामेश्वरम ज्योर्तिलिंग का उपलिंग माना जाता है। इस शिवलिंग को भगवान राम ने वनगमन के समय नर्मदा तट के त्रिपुरी तीर्थ में गुप्त वास के दौरान रेत से बनाया था।

10वीं सदी में बना गौरीशंकर चौसठ योगिनी मंदिर और 13वीं सदी में बादशाह हलवाई के पास स्थित पंचमुखी भगवान भोलेनाथ मंदिर की महिमा से लोग खींचे चले आते हैं।

सबसे प्राचीन है गुप्तेश्वर का महादेव मंदिर

जबलपुर के गुप्तेश्वर में स्थित गुप्तेश्वर महादेव सबसे प्राचीन शिवमंदिर है। बाल्मीक रामायण और श्रीशिव महापुराण में इसका उल्लेख है। यहां बताया गया है कि भगवान राम ने वनगमन के समय इसकी स्थापना की थी। नर्मदा तट के त्रिपुरी तीर्थ में वे गुप्त वास करते हुए रेत से अपने आराध्य भगवान शंकर का शिवलिंग बनाया था। गुफा में होने के चलते ही इस शिवलिंग का नाम गुप्तेश्वर पड़ा। महाशिवरात्रि पर 48 घंटे का विशेष पूजन-अर्चन हो रहा है।

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