भिलाई : मरने के बाद जिंदा समाज की भलाई के लिए मृत शरीर दान देने का एक और संकल्प पूरा हुआ। 15डी/ सड़क 30,सेक्टर 7 निवासी बीएसपी सेवानिवृत ए एल दत्ता ने अपनी पत्नी इला दत्ता के साथ 26 नवंबर 2020 को को प्रनाम के अध्यक्ष पवन केसवानी के माध्यम से देहदान की वसीयत जारी की थी। 5 मई को इला दत्ता की निधन की सूचना पर पवन केसवानी द्वारा प्रनाम के माध्यम से स्व. इला दत्ता का पार्थिव शरीर चिकित्सा अध्ययन हेतु शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज भिलाई को मानवता की भलाई के लिए चिकित्सा अध्ययन हेतु समर्पित की गई। देहदान के पूर्व पवन केसवानी द्वारा देहदान के विषय में संक्षिप्त संबोधन के पश्चात सामूहिक मौन श्रद्धांजलि अर्पित करवाई गई। इस मौके पर उपस्थित देहदानी ए एल दत्ता,उनके पुत्र अनिर्बान दत्ता,बेटी सुबर्णा रायचौधरी,सुशील रायचौधरी,अर्चना नागचौधरी,माला दत्ता,सुपर्णा कुंडू,गौतम कुंडू,प्लाबन बोस,यल्ला राव,डीवीएस रेड्डी,श्रीकुमार,राकेश साहू सहित अनेक गणमान्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे। प्रनाम के द्वारा विगत 16 सालों में अभी तक 2000 से ज्यादा लोगों को देहदान की वसीयत छत्तीसगढ़ के विभिन्न मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध करवाया गया है। जिनमें 204 लोगों के मरणोपरांत उनकी पार्थिव काया चिकित्सा अध्ययन हेतु उपलब्ध करवाई जा चुकी है। प्रनाम की देहदान,अंगदान एवं नेत्रदान की पहल से जुड़ने के लिए मोबाइल नंबर 9479273500 में संपर्क किया जा सकता है ।


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