पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने की योजना टल सकती है, माइलेज और इंजन को लेकर उठे सवाल
त्वरित खबरें :अमित रिपोर्टिंग

नई दिल्ली। पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की प्रस्तावित योजना फिलहाल टल सकती है। वर्तमान में देश में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E20) किया जा रहा है, लेकिन इससे जुड़े अनुभवों और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए 25 प्रतिशत मिश्रण लागू करने पर पुनर्विचार किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, कई वाहन चालकों और ऑटोमोबाइल क्षेत्र से जुड़े लोगों ने शिकायत की है कि अधिक एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के उपयोग से कुछ वाहनों का माइलेज कम होने के साथ-साथ इंजन और फ्यूल सिस्टम के कुछ पार्ट्स पर भी असर पड़ रहा है। हालांकि, इन दावों की स्थिति वाहन के मॉडल, उसकी तकनीकी क्षमता और निर्माता के मानकों पर भी निर्भर करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सभी वाहन अधिक एथेनॉल मिश्रण के लिए समान रूप से अनुकूल नहीं होते। ऐसे में 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण लागू करने से पहले वाहनों की तकनीकी अनुकूलता, ईंधन दक्षता और उपभोक्ताओं के अनुभवों का व्यापक अध्ययन किया जा सकता है।

गौरतलब है कि सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के माध्यम से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदूषण में कमी लाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। फिलहाल E20 नीति पर काम जारी है, जबकि 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण को लेकर अंतिम निर्णय तकनीकी समीक्षा और विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर लिया जा सकता है।

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