हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में शिक्षा सत्र 2022-23 में 6 अध्ययन शालाएं खोली जाएंगी
त्वरित ख़बरें - डीयू बिल्डिंग खुद की बिजली से होगी रोशन, गरीब मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में शिक्षा सत्र 2022-23 में 6 अध्ययन शालाएं खोली जाएंगी। स्नातकोत्तर स्तर पर भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और गणित की कक्षाएं होंगी और स्नातक स्तर पर बेसिक साइंस की एक अध्ययनशाला होगी। शासन को इसके अनुमोदन के लिए भेजा गया है। वहां से अनुमति मिलने के बाद इसकी सीटें और शुल्क तय की जाएंगी।

इनमें प्रवेश शासन के नियमानुसार दिया जाएगा। विवि की अपनी अध्ययन शालाएं होने से उसे नैक में ग्रेड मिल सकेगा। साथ ही विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से अनुदान मिलने की राह भी खुल जाएगी। इससे विवि पर आर्थिक बोझ कम होगा और शोध के लिए अनुदान भी मिलने लगेगा।

डीयू खुद की बिजली से रोशन हो इसके लिए सोलर प्लांट भी लगाया जाएगा। विवि की सोमवार की दोपहर 3 बजे कार्य परिषद की ऑनलाइन बैठक हुई। इसमें इसमें अध्ययन शालाएं खोलने का अनुमोदन किया गया। इसके लिए पदों की स्वीकृति शासन से पहले ही मिल चुकी है। इसमें कुछ आवश्यक संशोधन भी किया गया है। इसके लिए अलग से राशि रखी गई है। गरीब विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी।

बैठक में इन विषयों पर भी बनाई गई सहमति, जानिए

  • विवि के अधिकारियों और कर्मचारियों को नवीन अंशदायी पेंशन योजना के तहत मूल वेतन और महंगाई भत्ता का 14 फीसदी अंशदान दिया जाएगा।
  • रूसा से मिली राशि से उपकरण, किताबें, फर्नीचर, कंप्यूटर आदि सामान खरीदी जाएगी।
  • प्रथम और तृतीय सेमेस्टर परीक्षा, प्रायोगिक परीक्षा, उत्तर पुस्तिका संग्रहण के लिए परीक्षा केंद्रों को अग्रिम राशि दी जाएगी।
  • विवि के मेधावी छात्र के लिए डॉ. उदय कुमार ने स्वर्ण पदक देने के लिए निर्धारित राशि जमा की।
  • विवि के कर्मचारियों को वेतन पुनरीक्षण में बची चौथी किस्त का भुगतान किया जाएगा।
  • शैल देवी कॉलेज अंडा में नए शिक्षा सत्र से एजुकेशन में एमए की शुरुआत की जाएगी।

शोधार्थियों को दी जाएगी छात्रवृत्ति, गरीब छात्रों का पहले होगा सत्यापन
अभी तक शासन के नियमानुसार अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के शोधार्थियों को छात्रवृत्ति दी जाती है। अनारक्षित वर्ग के शोधार्थी छात्र आर्थिक अभाव में काम पूरा करने में परेशानी महसूस करते हैं। इसे देखते हुए मेधावी शोधार्थी विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की जाएगी। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में इसका प्रावधान है। वहां के छात्रवृत्ति के नियमों को अंगीकार कर उसके अनुसार छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाएगी। गरीब विद्यार्थियों का पहले सत्यापन किया जाएगा।

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