हड़ताल पर वनकर्मी मौत के मुहाने पर ग्रामीण :43 हाथियों के दल ने मचाई तबाही, कहीं चट कर गए अनाज, कहीं उजाड़ा गरीबों का आशियाना, गजराजों की सितम से उड़ी नींद, खौफ में कट रही रातें…
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28/अगस्त /2022 

छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में इन दिनों हाथियों का आतंक (CG elephant terror) जारी है. गजराजों का झुंड कटघोरा और पसान क्षेत्र में तबाही मचाकर रखा है. इलाके में लोग रतजगा करने को मजबूर हैं. हाथियों की आतंक से क्षेत्र में खौफ का माहौल है.

पसान रेंज में हाथियों के उत्पात से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं. कल शाम तीन हाथी मुख्यमार्ग को जाम कर दिए, जिसकी वजह से दो घंटे पेंड्रा कोरबा मार्ग जाम रहा. कर्मचारियों के हड़ताल से हाथियों को क्षेत्र से भगाने में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. करीब दो घंटे बाद जाम खुला. तब आना जाना शुरू हुआ.

दरअसल, इस समय पसान क्षेत्र हाथी के आतंक से डरा हुआ है. ग्रामीण अपनी फसल और घरों को बचाने के लिए रतजगा कर रहे हैं. हाथियों को भगाने के लिए आस पास के सरपंच खुद मोर्चा संभाले हुए हैं. ग्राम सरपंच अपने दल बल के साथ हाथियों को भगाने का प्रयास कर रहे हैं. साथ ही ग्रामीणों की मदद कर रहें हैं.

बता दें इस समय छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के तत्वधान में अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जिनमें वनकर्मी भी हड़ताल में बैठे हुए हैं, जिसकी वजह से हाथियों का उत्पात लगातार क्षेत्र में जारी है.

वहीं जशपुर में भी हाथियों का आतंक नहीं थम रहा है. हाथियों के दल ने तीन घरों को क्षतिग्रस्त किया. घर में रखे अनाज चट कर गए. तपकरा वनपरिक्षेत्र के बारो, शर्करा और करियामुड़ा गांव में 40 हाथियों का दल मौजूद है.

ग्रामीणों को जानमाल की रक्षा और फसलों को बचाने रतजगा करना पड़ रहा है. वन अधिकारी कर्मचारी हड़ताल हैं, ग्रामीण जान जोखिम में डालकर हाथी भगा रहे हैं. अकेले डीएफओ के भरोसे निगरानी चल रही है.


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