एडवेंचर : कुटुमसर गुफा के भीतर मिली एक नई गुफा ; अगले महीने से यहां ट्रैकिंग एडवेंचर शुरू होगा
त्वरित खबरे

बस्तर २४ अप्रैल 

Image

                          1950 में हुई कुटुमसर गुफा की खोज, जो 4500 फीट लंबी है


छत्तीसगढ़ के बस्तर में कांगेर वैली घाटी स्थित कुटुमसर गुफा के भीतर एक नई गुफा मिली है। ये 400 मीटर लंबी है और 25 फीट ऊंची है। वन विभाग मई से इसे पर्यटकों के लिए खोलने जा रहा है। यहां ट्रैकिंग की जा सकेगी। इसकी सीढ़ियां रस्सियों से बनाई जा रही है। कांगेर वैली नेशनल पार्क के डायरेक्टर धम्मशील गणवीर ने बताया कि ग्रामीणों की मदद से गुफा की खोज की गई है।

इसमें ऑक्सीजन लेवल पर रिसर्च हुआ है। नई गुफा में भी पत्थरों की अद्भुत आकृतियां है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यह दंडक गुफा से जुड़ा हो सकता है। यहां आसपास 14 गुफा एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, तो यह तलाश जारी है कि ये किस गुफा से जुड़ा हुआ है।

1950 में हुई कुटुमसर गुफा की खोज, जो 4500 फीट लंबी है

  • यह भारत की सबसे गहरी गुफा मानी जाती है, जो 60 - 120 फीट गहरी है तथा इसकी लम्बाई 4500 फीट है।
  • इस कुटुमसर गुफा की तुलना विश्व की सबसे लंबी गुफा कर्ल्सवार ऑफ केव (अमेरिका) से की जाती है।
  • गुफा की खोज 1950 के दशक में भूगोल के प्रोफेसर डॉ. शंकर तिवारी ने स्थानीय आदिवासियों की मदद से की थी।
  • इस गुफा में रंग बिरंगी अंधी मछलियां पाई जाती हैं, जिन्हे प्रोफेसर के नाम पर कप्पी ओला शंकराई कहते है।
  • चूना पत्थर के रिसाव, कार्बनडाई ऑक्साइड, पानी की रासायनिक क्रिया से सतह से लेकर छत तक प्राकृतिक संरचनाएं बनी हैं।
  • इस गुफा को पहले गोपनसर कहते थे, जो बाद में कुटुमसर गांव के नजदीक होने से कुटुमसर गुफा के नाम से प्रसिद्ध हुई।

YOUR REACTION?

Facebook Conversations