दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई: साइबर ठगी में इस्तेमाल 26 म्यूल बैंक खाते बेनकाब, सभी आरोपी न्यायालय में पेश...
त्वरित खबरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

दुर्ग। साइबर अपराधों पर शिकंजा कसते हुए भिलाई नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए 26 म्यूल बैंक खाताधारकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन खातों का उपयोग साइबर ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने और नकद निकासी के लिए किया जा रहा था।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस मुख्यालय तकनीकी सेवा (साइबर) के निर्देश पर 21 अप्रैल 2026 से थाना भिलाई नगर क्षेत्र में संचालित पंजाब नेशनल बैंक के संदिग्ध खातों की जांच की गई। जांच में पता चला कि इन खातों में साइबर ठगी से हासिल रकम सीधे जमा की जा रही थी। इसके बाद धनराशि को अन्य खातों में भेजकर या नकद निकालकर साइबर अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।

जांच में क्या खुलासा हुआ?

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2024 से 2026 के बीच कई साइबर ठगी के मामलों में इन बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधाएं अन्य लोगों को उपलब्ध कराईं, जिससे साइबर अपराधियों को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।

26 आरोपी गिरफ्तार

मामले में थाना भिलाई नगर में अपराध क्रमांक 388/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3), 318(4) एवं 3(5) के तहत कार्रवाई की गई। सभी 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब साइबर ठगी के मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

क्या-क्या हुआ जब्त?

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों का विवरण, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इनकी जांच के आधार पर मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

दुर्ग पुलिस की अपील

दुर्ग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल सिम, ओटीपी या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी व्यक्ति को न दें। किसी दूसरे के कहने पर अपने खाते में पैसे लेकर आगे ट्रांसफर करना भी कानूनी अपराध हो सकता है। साइबर ठगी की किसी भी शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने से तुरंत संपर्क करें।

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