धारा 10 हिन्दू विवाह अधिनियम के तहत न्यायिक पृथककरण के मामलें में पति-पत्नि साथ रहने हुए तैयार
त्वरित ख़बरें - दीपमाला शेट्टी रिपोर्टिंग

मामला खण्डपीठ क. 01 के पीठासीन अधिकारी  सिराजुद्दीन कुरैशी प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय दुर्ग का है जिसमें प्रतिवादिनी अपने मायके चली गयी थी वादी द्वारा काफी प्रयास किये जाने पर प्रतिवादिनी वादी के घर वापस आयी । प्रतिवादिनी द्वारा वादी को तलाक देने की बात कहे जाने पर एवं प्रतिवादिनी के व्यवहार के कारण वादी की मां अकेले किराये के मकान में रहने चली गयी और वादी को अपना मनोचिकित्सक के पास ईलाज कराना पडा था जिससे वादी पति के द्वारा प्रतिवादिनी पत्नि के विरूद्ध न्यायिक पृथककरण का मामला न्यायालय में प्रस्तुत करना पड़ा था। आज नेशनल लोक अदालत के अवसर पर उक्त मामलें में माननीय न्यायालय के द्वारा दी गयी समझाईश से उभय पक्ष पुरानी बातों को भुलकर मामलें में आपसी राजीनामा करते हुए साथ-साथ रहकर दाम्पत्य जीवन व्यतीत करने तैयार होकर माननीय न्यायालय का आभार व्यक्त कर राजीखुशी अपने घर चले गये ।

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