छत्तीसगढ़ में रविवार को फिर एक परीक्षा हुई, फूड इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए। इसका आयोजन व्यापमं यानी व्यावसायिक परीक्षा मंडल की ओर से किया गया था। परीक्षा खत्म हुई तो सोशल मीडिया पर प्रश्न पत्र को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई। लोगों ने मजाक बनाया तो गुस्सा भी दिखाया, 'Syllabus में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 कहके अच्छा मजाक किया है व्यापमं।' कवर्धा में भर्ती के लिए 6876 लोगों ने आवेदन किया था। जिले में 18 परीक्षा केंद्र बनाए गए और 6014 परीक्षार्थी शामिल हुए।
दरअसल, सारा मसला एक सवाल को लेकर था। परीक्षा फूड इंस्पेक्टर के पद के लिए थी तो सवाल भी उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम से आए। सिलेबस में उपभोक्ता सरंक्षण अधिनियम 2019 को शामिल किया गया, लेकिन सवाल पूछा गया 1986 के अधिनियम से। इसके बाद से ही सोशल मीडिया पर मजाक बनना शुरू हो गया। एक ने लिख दिया- 'पेपर बनाने वाले ने पुराना सिलेबस देखकर बना दिया। अब विद्यार्थी कांदा ल धर के निचोए।'
मॉडल उत्तर में कर सकते हैं आपत्ति
रविवार को परीक्षा होने के बाद जल्द ही व्यापमं की ओर से मॉडल उत्तर जारी किया जाएगा। इसी मॉडल उत्तर पर कोई भी परीक्षार्थी प्रश्नों को लेकर दावा-आपत्ति कर सकते है। परीक्षार्थियों के अनुसार प्रश्न सिलेबस के बाहर से थे, इस कारण आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। दावा-आपत्ति के लिए व्यापमं द्वारा समय दिया जाता है। यह भर्ती परीक्षा 84 पदों के लिए हुई है।
इस तरह था सिलेबस
सामान्य ज्ञान (150 अंक) : गणित, विज्ञान, भारतीय इतिहास, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, भारतीय संविधान एवं राज्य से संबंधित सामान्य जानकारी व वर्तमान की समसामयिक घटनाएं।
अन्य प्रश्न (50 अंक) : आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 एवं छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012 से संबंधित जानकारी, विकेन्द्रीकृत खाद्यान्न उपार्जन छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान-चावल का उपार्जन,सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत वितरण, छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा और सार्वभौम पीडीएस, छत्तीसगढ़ में पीडीएस अंतर्गत संचालित विभिन्न योजना, कम्प्यूटर का सामान्य ज्ञान शामिल है। परीक्षा में माइनस मार्किंग थी।

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