8 की जगह 12 घंटे काम और वेतन कटौती का आरोप, छाल खदान में SKA कंपनी की जांच के आदेश...
त्वरित ख़बरें :- अमित यादव रिपोर्टिंग

धरमजयगढ़। रायगढ़ जिले के छाल क्षेत्र की SECL खुली खदान सिम-3 विस्तार में काम कर रही ठेका कंपनी सुनील कुमार अग्रवाल (SKA) के खिलाफ मजदूरों की 9 सूत्रीय शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। श्रमिकों ने कंपनी पर निर्धारित नियमों के विपरीत काम कराने, वेतन में कथित कटौती और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल गठित किया है।

मजदूरों का आरोप है कि उनसे नियमानुसार 8 घंटे की जगह करीब 12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। इसके अलावा महीने में 30 से 31 दिन लगातार काम लेने और साप्ताहिक अवकाश नहीं देने की भी शिकायत की गई है। श्रमिकों ने कहा है कि SECL की ओर से बजट जारी होने के बावजूद उन्हें निर्धारित हाई पावर कमेटी (HPC) दर का लाभ नहीं मिल रहा है। इससे मजदूरों के वेतन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

वेतन से 6 हजार रुपए तक कटौती का आरोप

श्रमिकों ने घर से आने-जाने वाले कर्मचारियों के वेतन से कमरे और भोजन के नाम पर कथित तौर पर 6 हजार रुपए तक की कटौती किए जाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही मजदूरों ने पे-स्लिप नहीं देने, सेफ्टी किट और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायत भी प्रशासन से की है। श्रमिकों का कहना है कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।

शिकायत करने पर नौकरी से निकालने का आरोप

मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया है कि कंपनी में काम की परिस्थितियों और अपने अधिकारों को लेकर आवाज उठाने वाले कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। शिकायतों के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का निर्णय लिया है, ताकि आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

5 सदस्यीय जांच दल करेगा जांच

कलेक्टर के आदेश के तहत गठित 5 सदस्यीय संयुक्त जांच दल की अध्यक्ष डिप्टी कलेक्टर शिल्पा भगत होंगी। टीम में सहायक श्रम आयुक्त घनश्याम पाणिग्राही, उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा राहुल पटेल, खनिज अधिकारी रमाकांत सोनी और संबंधित क्षेत्र के तहसीलदार को सदस्य बनाया गया है।

जांच दल को तत्काल कार्यस्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम SKA कंपनी के मस्टर रोल, वेतन भुगतान पंजी, HPC दरों के क्रियान्वयन से संबंधित दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड का भौतिक सत्यापन करेगी। इसके अलावा शिकायतकर्ता मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

अन्य खदानों में भी होगा औचक निरीक्षण

प्रशासन ने जांच का दायरा केवल छाल खदान तक सीमित नहीं रखा है। रायगढ़ जिले की अन्य खदानों में काम कर रही ठेका कंपनियों के श्रम कानूनों, न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान और औद्योगिक सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी। कथित अवैध वेतन कटौती और HPC दरों के भुगतान की स्थिति भी जांच के दायरे में रहेगी।

5 दिन में कार्रवाई नहीं तो काम बंद करने की चेतावनी

श्रमिकों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 5 दिनों के भीतर उनकी शिकायतों पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो छाल उपक्षेत्र में काम बंद किया जा सकता है। प्रशासन ने औद्योगिक शांति और श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू कराई है।

कलेक्टर के 11 अगस्त 2026 के आदेश के अनुसार संयुक्त जांच दल को छाल खदान समेत अन्य खदानों की जांच कर 7 दिनों के भीतर रिपोर्ट और स्पष्ट अनुशंसा कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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