आज देश तिरंगा लहराएगा, क्या संविदा शिक्षक भी स्थायित्व की आजादी पाएगा?

त्वरित खबरें/ प्रहलाद दुबे प्रधान संपादक त्वरित खबरें अखबार

स्वतंत्रता दिवस पर संविदा शिक्षकों की सरकार से भावुक अपील—संविदा की बेड़ियां खोलकर नियमित शिक्षक बनने का अधिकार देने की मांग

मर्दापाल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में आजादी के जश्न की तैयारियों के बीच संविदा शिक्षकों ने अपने भविष्य और स्थायित्व को लेकर सरकार से भावुक अपील की है। वर्षों से शिक्षा व्यवस्था में सेवाएं दे रहे संविदा शिक्षकों का कहना है कि वे लगातार बच्चों के भविष्य को संवारने में अपना योगदान दे रहे हैं, लेकिन उनके स्वयं के भविष्य को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है।

सेजस मर्दापाल की व्याख्याता, सामाजिक विज्ञान, भूमिका जैन ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि देश को 15 अगस्त को आजादी मिली थी, ऐसे में संविदा शिक्षकों को भी इस स्वतंत्रता दिवस पर स्थायित्व की सौगात मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि संविदा शिक्षक हर मौसम और परिस्थितियों में पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। शिक्षा की अलख जगाने और विद्यार्थियों का भविष्य संवारने में वर्षों से योगदान देने के बावजूद उनके स्वयं के रोजगार का भविष्य अभी भी संविदा व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।

भूमिका जैन ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि संविदा की बेड़ियां खोलकर वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को नियमित शिक्षक बनने का अधिकार दिया जाए। उन्होंने कहा कि तिरंगा जब आसमान में लहराए तो संविदा शिक्षकों की आंखों में भी अपने भविष्य की स्थिरता और सम्मान की खुशी दिखाई दे।

उन्होंने सरकार से अपील की कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश में लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दे रहे संविदा शिक्षकों के भविष्य पर गंभीरता से विचार किया जाए और उन्हें स्थायित्व प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लिया जाए।