सूरजपुर/20 मई 2025 / राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुरूप शालाओं में शिक्षक की उपलब्धता बच्चों की दर्ज संख्या के अनुपात में होनी चाहिए। प्रदेश के विभिन्न स्तर की शालाओं में सैकड़ो शिक्षक अतिशेष हैं। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों में एक ही परिसर में अथवा निकट स्थानों में ही दो या दो से अधिक शालाएं संचालित है। यही कारण है कि शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने और उनमें सकारात्मक बदलाव लाने के लिए शाला व शिक्षक युक्तियुक्तकरण का फैसला शासन ने लिया है। जिसके तहत अतिशेष शिक्षकों को शिक्षक विहीन एवं एकल शिक्षा की शालाओं में, एक ही परिसर में संचालित होने वाली शाला व कम दर्ज संख्या वाली शाला का युक्तियुक्तकरण किया जाना है।शासन के इस निर्णय से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएगा। शाला व शिक्षक युक्तियुक्तकरण से ऐसे स्कूल जहां केवल एक शिक्षक के माध्यम से स्कूल का संचालन हो रहा है वहां अतिशेष शिक्षकों के माध्यम से एकल शिक्षकीय स्कूल में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही युक्तियुक्तकरण से शिक्षक व विद्यार्थियों का अनुपात सही रहेगा, जिससे कि अध्ययन-अध्यापन की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो पाएगी।
त्वरित ख़बरें - सत्यभामा दुर्गा रिपोर्टिंग

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