वैष्णव समाज ने कलेक्टोरेट के सामने किया  धरना प्रदर्शन
त्वरित ख़बरें - आंदोलन को मिला कई संगठनों का साथ , कहा- हम स्टेट स्कूल से नहीं हटने देंगे राजा का नाम

स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से शहर के रियासतकालीन 136 साल पुराने महंत राजा बलराम दास स्टेट स्कूल को आधुनिकीकरण से जोड़ने, सुविधाओं से लैस करने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट स्कूल योजना से जोड़ने की तैयारी में है। प्रशासन का कहना है कि स्कूल नाम, स्वरूप, कोर्स और दर्ज संख्या में कोई बदलाव नहीं होगा पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। बॉयलाज भी जारी नहीं हुआ है। इसलिए वैष्णव समाज, भाजपा सहित शहर के विभिन्न संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है।

शुक्रवार को वैष्णव समाज ने कलेक्टोरेट के सामने धरना दिया और कहा कि राजा के नाम पर संचालित स्कूल के नाम में कोई बदलाव नहीं होना चाहिए। बल्कि सरकार को दूसरे स्कूल में योजना लागू करनी चाहिए। इधर भाजपा ने कलेक्टर के नाम पत्र लिखकर स्कूल संचालन के संबंध में बॉयलाज जारी करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा की ओर से कलेक्टोरेट के सामने धरना दिया। पदाधिकारियों ने कहा कि स्टेट स्कूल का नाम दानवीर महंत राजा बलराम दास के नाम पर है। राजा ने हर वर्ग की शिक्षा का ध्यान में रखते हुए स्कूल का संचालन शुरू कराया।

पदाधिकारियों ने कहा- दूसरे स्कूल का करें चयन
समाज के प्रदेश सलाहकार देव कुमार निर्वाणी एवं मेघदास वैष्णव, जिला अध्यक्ष संतोष वैष्णव, जिला प्रभारी शिव वैष्णव, जिला महासचिव संदीप दस वैष्णव,मंडलेश्वर अनूप दास वैष्णव ने कहा कि विडंबना है कि जिन राजाओं ने शहर के विकास में अहम भूमिका निभाई, उन्हीं के नाम को मिटाने का प्रयास हो रहा है।

वैष्णव समाज की ओर से मांग की गई है कि स्टेट स्कूल को छोड़कर राज्य सरकार दूसरे पिछड़े हुए स्कूल को चिह्नांकित कर वहां सुविधाएं बढ़ाएं। वैष्णव महिला मंडल द्वारा किरण वैष्णव अध्यक्ष जपं, प्रभा वैष्णव पूर्व सरपंच भानपुरी, रोशनी वैष्णव जनपद सदस्य, सीमा वैष्णव ,आस्था वैष्णव,गौरी वैष्णव, संध्या वैष्णव ने कहा कि राजा बलराम दास के नाम से संचालित स्कूल में और कोई दूसरा नाम नहीं जोड़ा जाए।

इसमें पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, पूर्व महापौर अजित जैन, नेता प्रतिपक्ष किशुन यदु, हिन्दू युवा मंच अध्यक्ष किशोर माहेश्वरी, उपाध्यक्ष अंकित खण्डेलवाल, महामंत्री ऋषभ वैष्णव, यंग मुस्लिम कमेटी से मोहम्मद फारुख धरना स्थल पर उपस्थित हुए और अपनी बात रखी।

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