राजनांदगांव। जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग और विभिन्न संस्थाओं द्वारा जनजागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की गईं। ग्राम चारभाठा और पनेका में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता की जानकारी दी गई। वहीं, कृषि उपज मंडी में विशाल रंगोली के जरिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकसित भारत की परिकल्पना प्रदर्शित की गई। इसके अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरालीगल वॉलंटियर्स को साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी से बचाव का प्रशिक्षण दिया गया।
चारभाठा में महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा डोंगरगढ़ परियोजना के बागरेकसा सेक्टर के ग्राम पंचायत चारभाठा में आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा समग्र विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
मातृ संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं ने योजनाओं से मिले लाभ और अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर योजनाओं की राशि का बेहतर उपयोग करने वाली महिलाओं के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को सम्मानित किया गया।
‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान के तहत ग्रामीणों को मुनगा के पोषण संबंधी महत्व की जानकारी देकर पौधरोपण के लिए प्रेरित किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में मुनगा का पौधा भी लगाया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को न्योता भोज के तहत खीर-पूड़ी परोसी गई। पौष्टिक थाली और रंगोली के माध्यम से पोषण एवं स्वास्थ्य संबंधी संदेश दिए गए। महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, मटका फोड़, फुगड़ी, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। एचआईवी जागरूकता विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता भी हुई। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
पनेका में किशोरी बालिकाओं को दी गई स्वास्थ्य और स्वच्छता की जानकारी
राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पनेका स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में भी आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में किशोरी बालिकाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और व्यक्तिगत स्वच्छता का महत्व समझाया गया। साथ ही एचआईवी एवं एड्स से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। बालिकाओं को एनीमिया और खून की कमी से बचने के लिए संतुलित आहार तथा पौष्टिक भोजन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
मुनगा के पोषण मूल्य और उपयोगिता की जानकारी देते हुए पौधरोपण किया गया। ग्रामीणों से अपने घरों में भी मुनगा के पौधे लगाने की अपील की गई। ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य और पोषण सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को सम्मानित किया गया। इस दौरान क्षेत्र को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए पोषण की शपथ भी ली गई।
विशाल रंगोली में दिखाई गई जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ गतिविधि के तहत कृषि उपज मंडी, राजनांदगांव में विशाल वृत्ताकार रंगोली बनाई गई। जिले के सात महाविद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सामूहिक रूप से रंगोली तैयार कर जनसेवा, सुशासन और विकसित भारत की परिकल्पना को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया।
रंगोली में विकसित छत्तीसगढ़, स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल इंडिया, स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, राष्ट्रीय एकता और विकसित भारत 2047 जैसे विषयों को दर्शाया गया।
भारत के मानचित्र, राष्ट्रीय ध्वज और जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े प्रतीकों के माध्यम से विद्यार्थियों ने जनजागरूकता और सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अतिथियों और नागरिकों ने रंगोली का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों की रचनात्मकता की सराहना की।
इस गतिविधि में शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय, शासकीय कमला देवी राठी महाविद्यालय, शासकीय शिवनाथ विज्ञान महाविद्यालय, शासकीय आदर्श अंग्रेजी महाविद्यालय सोमनी, कॉन्फ्रेंस महाविद्यालय, शासकीय पंडित किशोरी लाल विधि महाविद्यालय और रॉयल महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने योगदान दिया।
जिला स्तरीय आयोजन के साथ डोंगरगढ़, डोंगरगांव और छुरिया विकासखंड मुख्यालयों में भी सार्वजनिक स्थलों पर रंगोली बनाई गई। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी कलात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने और जनजागरूकता गतिविधियों में भागीदारी निभाने का अवसर मिला।
साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचाव के लिए प्रशिक्षण
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजनांदगांव में साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट, साइबर सुरक्षा और ठगी गई रकम की वापसी की प्रक्रिया पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलंटियर्स, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों ने भाग लिया।
साइबर सेल, राजनांदगांव के सहायक उपनिरीक्षक द्वारिका प्रसाद लाउत्रे ने रिसोर्स पर्सन के रूप में साइबर ठगी के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ठग रकम दोगुनी करने, ऑनलाइन ट्रेडिंग से कमाई और अन्य आकर्षक प्रस्तावों का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं।
उन्होंने नागरिकों को अनजान नंबरों से आने वाले संदिग्ध कॉल और वीडियो कॉल के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही व्हाट्सऐप या अन्य माध्यमों से मिलने वाली संदिग्ध पीडीएफ और एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने को कहा, क्योंकि इनके जरिए मोबाइल की सुरक्षा और व्यक्तिगत जानकारी को खतरा हो सकता है।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
प्रशिक्षण में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ‘साइबर क्राइम पीड़ित सहायता एवं ठगी गई रकम की वापसी योजना-2026’ के संबंध में भी जानकारी दी गई। पैरालीगल वॉलंटियर्स को बताया गया कि पीड़ित से शिकायत मिलने पर तत्काल आवश्यक सूचना संबंधित पुलिस थाने, प्राधिकरण कार्यालय और संबंधित बैंक शाखा तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।
साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करना महत्वपूर्ण है। समय पर शिकायत मिलने से संदिग्ध लेन-देन की राशि को बैंक खाते में होल्ड कराने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है। हालांकि, राशि की वापसी जांच और निर्धारित प्रक्रिया पर निर्भर करती है।
प्रशिक्षण में पीड़ितों को जरूरत के अनुसार कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और साइबर अपराधों के मामलों में समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जनजागरूकता और जनभागीदारी पर जोर
राजनांदगांव जिले में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता, जनकल्याणकारी योजनाओं, राष्ट्र निर्माण और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रमों में महिलाओं, किशोरी बालिकाओं, विद्यार्थियों, स्वास्थ्यकर्मियों और विधिक सेवा से जुड़े प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।
इन पहलों का उद्देश्य समुदाय को जागरूक बनाना और विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों में लोगों की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।

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