छुरिया / छत्तीसगढ़ के लोकनाट्य नाचा का अपना एक अलग पहचान है। छत्तीसगढ़ के श्रमजीवी मेहनतकस किसान मजदूर अपनी दिनभर की थकान को दूर करने के लिए एवं अपने उत्सव व त्यौहार में मनोरंजन के लिए हमारे पूर्वजों से ही नाचा का सहारा लिया जाता रहा है। आजादी के कालखंड में खड़े साज के नाचा शैली लोगों में जन चेतना और जागरूक करने का कार्य किया जाता रहा है। नाचा के भगवान कहे जाने वाले दाऊ मंदराजी (दुलार सिंह साव) ने पहला संगठित नाचा पार्टी जोड़ कर भिन्न-भिन्न कलाकारों को एक मंच पर लेकर आये। जिसका ही प्रभाव है कि आज सिनेमा के दौर में भी छत्तीसगढ़ का लोकनाट्य अपने आप को स्थापित करके या फिर कहे दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अनेकानेक नाचा पार्टी संचालित हो रही है। इसी का ही एक हिस्सा है राधा कृष्ण नाचा पार्टी दुर्रे बंजारी जो आधुनिकता के साथ नाचा को ना सिर्फ प्रदेश में जीवंत रखे हैं बल्कि अन्य प्रान्त में भी अपनी मोहक प्रस्तुतियां देते आ रहे हैं।
दुर्रे बंजारी के इस नाचा दल का स्थापना दिवस व नाचा के पुरोधा कलाकारों का सम्मान समारोह समस्त ग्रामवासियों की सहयोग से 06 अप्रैल 2022 दिन बुधवार को शाम 07:00 बजे से रखा गया है। पार्टी के संचालक श्री आश कुमार सिन्हा ने नाचा के कला प्रेमियों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में पहुंच कर इसे भव्यता प्रदान करे और हमारी अपनी संस्कृति से जुड़े।
नाचा गम्मत सम्मान
छोटेलाल कटेंगा जी हज्जुटोला नाचा, दिनेश गंधर्व जी नाचपर्टी टेकेहर्रा, कमल नारायण देशमुख नाचपर्टी निचेकोहड़ा, परमानन्द उइके नाचपर्टी कुहीखुर्द, कृपाराम पडोटी (जनानी) नाचपर्टी कारकोटोला, राधेसिंह गंधर्व सहनाई वादक नाचपर्टी मटेवा, पतिराम (तबला वादक) चन्दर यादव वरिष्ठ कलाकार दुर्रे बंजारी को नाचा के प्रति उनके कला साधना के लिए सम्मान इस मंच से किया जाना है।
कार्यक्रम में मनोरंजन के लिए रात्रि में मोर मयारू नाच पार्टी ग्राम भांठागांव सिकोसा जिला बालोद एवं बाप-बेटा का हास्य हंगामा शिव भोला नाच पार्टी करमतरता खैरागढ़ की प्रस्तुति रखी गई है। उक्त जानकारी "हमर भाखा हमर कलाकार" के संचालक दुर्गेश सिन्हा "दुलरवा" ने दी।

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