पाटन में नकली सोने की पत्तियों से 19.32 लाख की ठगी, अंतरराज्यीय गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार
त्वरित खबरें :अरुण रिपोर्टिंग

दुर्ग के पाटन में ज्वेलर्स व्यापारी से नकली सोने की पत्तियां असली बताकर 19 लाख 32 हजार रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दुर्ग पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राजस्थान के अलवर से जुड़े गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

मामला 24 सितंबर 2026 का है। पाटन के पुराना बाजार स्थित लक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक आनंद सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने पहले व्यापारी का विश्वास जीतने के लिए असली सोना गिरवी रखकर लेन-देन किया। इसके बाद 18 सोने की पत्तियां असली बताकर गिरवी रखीं और बदले में 15 लाख 93 हजार रुपये हासिल किए।

इसके अलावा आरोपियों ने दुकान से 3 सोने की अंगूठियां और एक जोड़ी चांदी की पायल, जिसकी कुल कीमत करीब 3 लाख 39 हजार रुपये थी, उधारी में ले ली। आरोपियों ने एक सप्ताह में ब्याज सहित रकम लौटाने का भरोसा दिया, लेकिन रकम वापस नहीं की।

व्यापारी को संदेह होने पर सोने की पत्तियों की जांच कराई गई। जांच में पता चला कि इनमें लगभग 10 प्रतिशत सोना और 90 प्रतिशत अन्य धातु थी। इस तरह व्यापारी के साथ कुल 19 लाख 32 हजार रुपये की धोखाधड़ी सामने आई।

ऐसे करते थे ठगी

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी राजस्थान के अलवर क्षेत्र से जुड़े हैं और अलग-अलग इलाकों में घूमकर ज्वेलर्स को निशाना बनाते थे। आरोपी शुरुआत में चटाई बेचने के बहाने ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में घूमते और स्थानीय ज्वेलर्स से संपर्क बनाते थे।

विश्वास जीतने के लिए पहले असली सोने की अंगूठी या अन्य आभूषण गिरवी रखकर समय पर लेन-देन पूरा करते थे। जब व्यापारी का भरोसा हो जाता था, तब दोबारा दुकान पहुंचकर असली सोने के साथ नकली सोने की पत्तियां मिलाकर बड़ी रकम हासिल करते थे।

नकली पत्तियों पर सोने की पॉलिश होने के कारण पहली नजर में उनकी पहचान करना मुश्किल होता था। ठगी की रकम को छिपाने के लिए आरोपी कमर में बांधने वाली विशेष गुप्त कपड़े की थैलियों का भी इस्तेमाल करते थे।

अर्जुन्दा में फिर वारदात की कोशिश, पुलिस ने पकड़ा

पाटन की घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव और रायपुर के ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों के ज्वेलर्स तथा ज्वेलर्स एसोसिएशन से संपर्क कर गिरोह के तरीके की जानकारी साझा की।

इसी दौरान बालोद के अर्जुन्दा क्षेत्र में संदिग्धों द्वारा इसी तरीके से करीब 25 लाख रुपये प्राप्त करने का प्रयास किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संदिग्धों को पकड़ लिया।

पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर राजनांदगांव में किराये के मकान में गिरोह के अन्य सदस्यों के रहने की जानकारी मिली। पुलिस के पहुंचने से पहले कुछ आरोपी ट्रेन से फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों के आधार पर आरपीएफ नागपुर के सहयोग से दो महिला और दो पुरुष आरोपियों को ट्रेन से पकड़ा गया।

पुलिस ने कार्रवाई में गिरोह के कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पाटन, दुर्ग, राजनांदगांव, अर्जुन्दा और गुंडरदेही समेत आसपास के क्षेत्रों में गतिविधियों और अन्य संभावित वारदातों को लेकर जांच जारी है।

आरोपियों से क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 नकली सोने की पत्तियां, 1 असली सोने की पत्ती, कुल 24 पत्तियां जिनका वजन करीब 240 ग्राम बताया गया है, एक पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 16,190 रुपये नकद, 6 गुप्त कपड़े की थैलियां, ज्वेलर्स दुकान का कोरा बिल, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, हथौड़ी, पेचकस, स्क्रूड्राइवर और वाहन का बिक्री पत्र बरामद किया है।

दुर्ग पुलिस की ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील

दुर्ग पुलिस ने ज्वेलर्स व्यापारियों से अपील की है कि सोना या अन्य कीमती धातु गिरवी रखते समय उसकी शुद्धता की वैज्ञानिक एवं प्रमाणित जांच जरूर कराएं। बड़ी रकम का लेन-देन पर्याप्त सत्यापन के बाद ही करें। किसी व्यक्ति की गतिविधि संदिग्ध लगे या नकली सोने से संबंधित कोई जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस को सूचना दें।

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