नागौर की गैंग रेप पीड़िता की जयपुर स्थित SMS हॉस्पिटल में मौत
त्वरित ख़बरें - गैंगरेप पीड़िता का शव जयपुर से डीडवाना शिफ्ट:प्रदर्शनकारी बोले- रात 2 बजे अचानक पहुंची पुलिस, ससुराल वालों के साथ जबरन ले गए बॉडी

नागौर की गैंग रेप पीड़िता की जयपुर स्थित SMS हॉस्पिटल में मौत के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर चलते चारों ओर से घिरी पुलिस ने रात 2 बजे कार्रवाई करते हुए शव को जयपुर से डीडवाना शिफ्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये सब पीड़िता के ससुराल पक्ष की सहमति से किया गया। फिलहाल शव डीडवाना स्थित बांगड़ हॉस्पिटल की मोर्चरी में रखा गया है। मौके पर SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और डिप्टी सहित भारी पुलिस जाब्ता को तैनात किया गया है। वहीं पीड़िता के गांव में भी भारी पुलिस जाब्ता भेजा गया है। इसलिए आशंका जताई जा रही है कि आज अंतिम संस्कार भी करवाया जा सकता है।

जयपुर में आंदोलन कर रहे संवैधानिक विचार मंच के गीगराज जोड़ली ने बताया कि सभी आंदोलनकारियों के साथ वो SMS हॉस्पिटल की मोर्चरी के बाहर सो रहे थे। तभी अचानक भारी पुलिस वहां पहुंची और सभी आंदोलनकारियों को दबोच लिया गया। सभी के मोबाइल छीन लिए गए। कुछ लोगों के साथ मारपीट भी की गई। करीब 20 मिनिट बाद पुलिसकर्मियों ने बताया कि पीड़िता का शव डीडवाना भेजा जा चुका है। अब तुरंत इस जगह को खाली कर दो। जब वहां देखा गया तो पीड़िता के ससुराल पक्ष के लोग भी वहां से नहीं थे। हालांकि पीहर पक्ष के लोग अभी भी जयपुर में है। उन्होंने कहा कि देर रात की गई ये कार्रवाई राजस्थान सरकार के इशारे पर हुई है। ये लोग भी यूपी में हाथरस की तर्ज पर पीड़िता के शव को जबरन जलाना चाहते हैं।

इससे पहले नागौर के डीडवाना से लेकर जयपुर तक परिजनों के साथ धरना-प्रदर्शन कर लोगों ने CM के नाम ज्ञापन देकर आरोपियों की गिरफ्तारी, सीबीआई जांच, जांच अधिकारी (IO) हटाने, थाना स्टाफ को लाइन हाजिर करने, 50 लाख का मुआवजा, सरकारी नौकरी के लिखित आदेश, पीड़िता की कॉल डिटेल निकालने और लापरवाह पुलिस अधिकारी को आरोपी बनाने सहित पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की थी।

पुलिस पर मामला दबाने का आरोप
प्रतिपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ व राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने इस मामले में पुलिस पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं के इशारे पर मामले को दबाने और गंभीर लापरवाही दिखाने के आरोप लगाए थे। उन्होंने शनिवार को गैंग रेप की शिकार हुई पीड़िता के परिजनों को न्याय दिलाने को लेकर SMS अस्पताल में पहुंचकर प्रशासन से बात की। RLP सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इस मामले में बीजेपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री यूनुस खान और मौजूदा कांग्रेस नेता मिलकर आरोपियों को बचाने में लगे हैं। रविवार को RLP के तीनों विधायक भी डीडवाना पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलेंगे।

इससे पहले प्रदेश भाजपा की ओर से गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी में शामिल किसान मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष हरिराम रणवां, विधायक अभिनेष महर्षि और गोवर्धन वर्मा ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जानकारी ली। कमेटी ने पुलिस जांच को मेनिप्युलेटेड बताया। अब जांच के बाद प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को रिपोर्ट सौंपेंगे।

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