रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुंगेली के एक पारंपरिक कारीगर को शुभकामना पत्र भेजकर उनके हुनर की सराहना की है। मुख्यमंत्री की पाती मिलने से नगर पालिका मुंगेली के तिलक वार्ड निवासी मुन्नालाल प्रजापति का चेहरा खिल उठा। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में मिट्टी से दीये और देवी-देवताओं की आकर्षक मूर्तियां बनाने की उनकी पारंपरिक कला की प्रशंसा की है।
मुन्नालाल प्रजापति पीढ़ियों से चली आ रही कुम्हारी कला से जुड़े हुए हैं। वे मिट्टी से सुंदर दीये, देवी-देवताओं की मूर्तियां और दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं तैयार करते हैं। उनका कहना है कि पारंपरिक कारीगरों के हुनर को पहचान और सम्मान मिलना उनके लिए गर्व की बात है। मुख्यमंत्री की ओर से मिला शुभकामना संदेश उनके लिए प्रोत्साहन का माध्यम बना है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से मिला कारोबार बढ़ाने का सहारा
मुन्नालाल प्रजापति ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत उन्हें 5 प्रतिशत ब्याज दर पर एक लाख रुपये का ऋण मिला है। इस आर्थिक सहायता से उन्हें कुम्हारी व्यवसाय के लिए जरूरी संसाधन जुटाने और अपने काम को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि योजना से मिले सहयोग ने अपने पारंपरिक हुनर को और विकसित करने तथा व्यवसाय को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास दिया है। अब वे अपने काम को और बेहतर बनाने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
पीढ़ियों की कला और संस्कृति को सहेज रहे कारीगर
मुन्नालाल प्रजापति के अनुसार, कुम्हारी केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह पीढ़ियों से चली आ रही कला, परंपरा और संस्कृति को जीवित रखने का माध्यम भी है। मिट्टी के दीये और मूर्तियां तैयार करने वाले कारीगर भारतीय संस्कृति और त्योहारों की परंपराओं को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का शुभकामना पत्र मिलने पर मुन्नालाल प्रजापति ने मुख्यमंत्री और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक कारीगरों को इस तरह सम्मान और आर्थिक सहयोग मिलने से उनका उत्साह बढ़ता है तथा अपनी कला को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है।

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