9 फरवरी 2023
दुर्ग/ 36 वर्षीय महिला श्रीमती आशा देवी पिछले 6 वर्ष से कानों की समस्या को लेकर परेशान थी। इसके चलते उसके सुनने की क्षमता में लगातार गिरावट आ रही थी। अपनी इस समस्या को लेकर वह जिला अस्पताल दुर्ग पहुंची जहां जांच उपरांत टाइम्पेनोप्लास्टी नामक बीमारी से उसे ग्रसित पाया गया। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. नेहा ने बताया कि इस बीमारी में कान के पर्दे पर होल हो जाता है जो कि अपने आप नहीं भरता है। जब कोई आवाज कान में प्रवेश करती है तो कान के पर्दे से टकराकर कंपन व संकेत उत्पन्न करती है। लेकिन जब कान के पर्दे में किसी कारण छेद हो जाता है तो कंपन या संकेत उत्पन्न नहीं हो पाते। यही कारण है कि श्रीमती आशा देवी के सुनने की क्षमता में कमी आ रही थी। मरीज की समस्या के निदान के लिए जिला चिकित्सालय की डॉ.रेनू तिवारी, सीसीएम कचांदूर की डॉ. सर्मिष्ठा और डॉ. नेहा द्वारा टीम गठित कर 2016 के लंबे अंतराल के बाद पुनः टाइम्पेनोप्लास्टी का आपरेशन सफलता पूर्वक मेडिकल टीम द्वारा संपादित किया गया। वर्तमान में मरीज पूर्ण रूपेण स्वस्थ है और उसने बताया कि उसकी सूनने की क्षमता में विस्तार हुआ है।

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